शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

दो शा’इर, दो नज़्में (1): परवीन शाकिर और सरदार जाफ़री…

Parveen Shakir Sardar Jafri: साहित्य दुनिया में हम आज 'दो शा'इर, दो नज़्में' सीरीज़ शुरू'अ कर रहे हैं.आज हम परवीन...

मई दिवस: सलाम मछलीशहरी की नज़्म….”सड़क बन रही है”

मई दिवस पर साहित्य दुनिया की ओर से पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं सलाम मछली शहरी की मशहूर...

ग़ालिब के ख़तों के बारे में और उनका मुंशी हरगोपाल ‘तफ़्ता’ को लिखा ख़त

Ghalib Ke Khat : मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की शा'इरी के तो सभी दीवाने हैं लेकिन बात नस्र की करें...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ (11): फै़ज़ अहमद फै़ज़ और असग़र गोंडवी…

फै़ज़ अहमद फै़ज़ की ग़ज़ल-हर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए Har Haqeeqat Majaz Ho Jaye हर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए काफ़िरों...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(10): जाँ निसार अख़्तर और ज़ौक़…

जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: अशआ'र मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं (Ashaar mere yoon to zamane ke liye...

इक़बाल की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए उनके दस शे’र…

Iqbal ke Top Sher: महान उर्दू और फ़ारसी शा'इर मुहम्मद इक़बाल की आज पुण्यतिथि है. उनका जन्म 9 नवम्बर 1877...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई….

मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या (Zinda Rahen To Kya Mar...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(8): अहमद फ़राज़ और बहज़ाद लखनवी…

Ab Aur Kya Kisi Se Marasim Badhayen Hum अहमद फ़राज़ की ग़ज़ल: अब और क्या किसी से मरासिम बढ़ाएँ हम...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(7): जाँ निसार अख़्तर और महशर बदायूँनी…

Aahat Si Koi Aaye To Lagta Hai Ke Tum Ho जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: आहट सी कोई आए तो...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (6): जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी…

दो शा'इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ में हम आज आपके सामने जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी की ग़ज़लें पेश कर रहे...