कैफ़ी आज़मी की शायरी
Kaifi Azmi Shayari 1- की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ थोड़ा सा प्यारा भी मुझे दे दो…
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
Kaifi Azmi Shayari 1- की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ थोड़ा सा प्यारा भी मुझे दे दो…
1 Tehzeeb Hafi Ki Shayari तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया Tehzeeb Hafi Ki Shayari इतनी आवाज़ें…
Meer Taqi Meer जिन जिन को था ये इश्क़ का आज़ार मर गए अक्सर हमारे साथ के बीमार मर गए…
Mirza Ghalib ke sher कोई उम्मीद बर नहीं आती कोई सूरत नज़र नहीं आती _____ जान दी, दी हुई उसी…
Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka ~ Mirza Ghalib यक-ज़र्रा-ए-ज़मीं नहीं बे-कार बाग़ का याँ जादा भी फ़तीला…
Ishq ki shayari बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं जो दिल…
Jigar Moradabadi Best Sher 1- अपना ज़माना आप बनते हैं अहल-ए-दिल हम वो नहीं कि जिनको ज़माना बना गया 2-…
Aaina Kyun Na Doon Ke Tamasha KaheN jise – Mirza Ghalib आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ऐसा…
Momin ki shayari असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत-फ़ज़ा नहीं होता बेवफ़ा कहने की शिकायत है तो भी वादा-वफ़ा…
Urdu ke ustaad shayar: हम यहाँ चार ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. मीर, ग़ालिब, इक़बाल और फ़ैज़ की इन ग़ज़लों…