शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

इश्क़ पर ख़ूबसूरत शायरी और बेहतरीन शेर

इश्क़ और मुहब्बत इंसानी जज़्बात में सबसे ख़ूबसूरत एहसासों में शामिल हैं। उर्दू शायरी ने सदियों से मुहब्बत, चाहत, इंतज़ार,...

मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है – सलीम कौसर

मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है मैं...

ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम – मोमिन ख़ाँ मोमिन

ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम...

अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से – परवीन शाकिर

अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से ज़मीं की ख़ैर माँगें आसमाँ से अगर चाहें तो वो दीवार कर दें हमें...

दिल धड़कने का सबब याद आया – नासिर काज़मी

दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया आज मुश्किल था सँभलना ऐ दोस्त तू...

तेरी ख़ुश्बू का पता करती है – परवीन शाकिर की ग़ज़ल

तेरी ख़ुश्बू का पता करती है मुझ पे एहसान हवा करती है चूम कर फूल को आहिस्ता से मो’जिज़ा बाद-ए-सबा...

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ – शकील बदायूँनी

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ छेड़ो न मुझे मैं कोई दीवाना नहीं हूँ इस कसरत-ए-ग़म पर भी मुझे...

वो हँसती है तो उसके हाथ रोते हैं – अब्बास ताबिश

किसी के ब'अद अपने हाथों की बद-सूरती में खो गई है वो मुझे कहती है 'ताबिश'! तुमने देखा मेरे हाथों...