शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं ~ अहमद फ़राज़

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं मुझको मालूम ना था ख्वाब भी मर जाते हैं जाने...

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर...

अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये...

मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ की शायरी

Mirza Jafar Ali Hasrat Sher मिर्ज़ा जाफ़र अली 'हसरत' लखनऊ के थे. वो रायस्वरुप सिंह 'दीवाना' के शिष्य थे. उन्होंने...