पेड़ पर शायरी
Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं...
Sher ~ साहित्य दुनिया के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
शायद यही कारण है कि साहित्य दुनिया को कम समय में ही पाठकों का ढेर सारा प्यार मिला है और लगातार मिल रहा है. साहित्य दुनिया की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई लेकिन जल्द ही साहित्य दुनिया ने मुंबई में अपनी वर्कशॉप और परिचर्चा आदि भी शुरू की है। ये एक ऐसा सिलसिला है जो अभी भी जारी है और इसे आगे बढ़ाने के लिए हम प्रयासरत हैं।
इस कैटेगॉरी में हम अलग-अलग शायरों की और अलग अलग टॉपिक्स पर बेहतरीन शायरी साझा करेंगे। ~ Sher
Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं...
Shakeel Badayuni Shayari नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं...
Raksha Bandhan Shayari किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा...
Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे...
Bewafai Shayari काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें उस बेवफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें...
Lucknow Shayari -- लखनऊ है तो महज़ गुम्बद-ओ मीनार नहीं, सिर्फ एक शहर नहीं, कूचा ओ बाज़ार नहीं ~ योगेश...
Independence Day Poetry Jashn e Azadi सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिताँ हमारा अल्लामा...
Romantic Shayari दिल मुहब्बत में मुब्तला हो जाए जो अभी तक न हो सका हो जाए तहज़ीब हाफ़ी _________ ये...
Friendship Shayari ~ वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते...
Malikzada Manzoor Shayari ~ मालिकज़ादा मंज़ूर अहमद (Malikzada Manzoor Ahmed) का जन्म 17 ऑक्टोबर, 1929 को अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश...