एक ऐसी कहानी जो शायद पहले सोची भी नहीं गयी

Hindi Book Review

Kali yuga: The Ascension Review : किताबों की दुनिया कुछ यूँ होती है कि आपको बैठे-बिठाए दुनिया भर की सैर करा सकती है। वो दुनिया कोई भी हो सकती है आपके आसपास वाली या सात समंदर पार की या फिर किसी कल्पनालोक की उड़ान भी किताबों के ज़रिए भरी जा सकती है। जब बात कल्पनालोक … Read more

“द जर्नी ऑफ़ शिवा” एक ऐसी यात्रा पर ले जाती है जहाँ मेहनत के रास्ते प्रसिद्धि की राह है

The Journey Of Shiva

The Journey Of Shiva Review ~ किताबें एक यात्रा की तरह होती हैं और उन्हें पढ़ते हुए हम काल्पनिक या वास्तविक कितनी ही यात्राएँ तय करते हैं। एक ऐसा ही सफ़र तय हुआ जब हमने हाल ही में मिली किताब ” The Journey Of Shiva ” पढ़ी। इस किताब को लिखा है जयश्री शेट्टी ने … Read more

सोनल सोनकवड़े का उपन्यास “कॉमा” अंत तक बांधे रखने वाली दमदार कहानी..

Sonal Sonkavde Comma Review

Sonal Sonkavde Comma Review ~ अक्सर हमें अपने बड़ों से ये सुनने मिलता है कि आजकल के बच्चों के दिमाग़ में क्या चलता है समझ ही नहीं आता। ये हम अपने आसपास के लोगों के लिए भी कई बार कहते हैं, ख़ासकर तब जब वो किसी रिश्ते में होते हैं या उस रिश्ते से निकले … Read more

पहाड़ी नमी वाली ख़ूशबू लिए मन को यात्रा के लिए खींचती है “स्पिती”

Mahendra Singh Book Spiti

Spiti Review ~ पिछले दिनों हमने आपको ख़ूबसूरत तस्वीरों से भरी लद्दाख़ यात्रा की कहानी बताती एक कॉफ़ी टेबल बुक के बारे में बताया था।उसी किताब के साथ हमें मिली थी एक और किताब जिसका नाम है स्पिती। जी हाँ जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है इस किताब में है हिमाचल प्रदेश के पास … Read more

ज्ञान चतुर्वेदी की किताब “बारामासी” की समीक्षा

Baramasi Review

Baramasi Review ~ आज विश्व हास्य दिवस है। यूँ तो कई हास्य-व्यंग्य लिखने वाले लेखक देश में मौजूद हैं और उन्होंने साधारण से लेकर अति गम्भीर बातों को व्यंग्य के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाया है। व्यंग्य के नाम पर सबसे अधिक हरिशंकर परसाई को पढ़ा है। उनसे हटकर कोई व्यंग्य पहली बार पढ़ा … Read more

आचार्य चतुरसेन की किताब “ गोली” की समीक्षा

Acharya Chatursen Goli Review

Acharya Chatursen Goli Review :  आज हम यहाँ जिस पुस्तक की चर्चा करना चाहेंगे वो किताब है “गोली”। आचार्य चतुरसेन द्वारा लिखी इस पुस्तक मे राजस्थान की एक पुरानी परंपरा को दर्शाया गया है। इस किताब के अनुसार प्राचीन समय मे ऐसा रिवाज था कि समाज में निचले तबक़े से आने वाली लड़कियों को राजा … Read more

गुलज़ार की किताब “ड्योढ़ी” की समीक्षा

Dyodhi Review

Dyodhi Review

“किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं
गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं”

बस कुछ इसी तरह कई किरदारों से मुलाक़ात हुई गुलज़ार की लिखी “ड्योढ़ी” को पढ़ते हुए. यूँ तो गुलज़ार के शब्दों को कई बार सुना है पर उन्हें पहली बार पढ़ा.
ड्योढ़ी कई छोटी कहानियों का संग्रह है और हर पहली कहानी दूसरी से बिलकुल अलग लगती है। इस एक संग्रह में गुलज़ार आपको कभी सीमा पार ले जाते हैं तो कभी आसमान की सैर करवाते हैं, कभी बचपन की मासूमियत से रुबरु करवाते हैं तो कभी फुटपाथ पर पलती ज़िन्दगी की मुश्किलों का अहसास करवाते हैं,कभी पहाड़ों की सैर करवाते हैं तो कभी आसमान में पतंग के साथ गोते लगवाते हैं। ज़िन्दगी में जिस तरह कई रंगों का समावेश है उसी तरह ये संग्रह भी आपको कभी ख़ुश, कभी भावुक तो कभी ठहाके मारने पर मजबूर करता है।

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