Shayari

मिर्ज़ा रफ़ी सौदा की रुबाइयाँ और ग़ज़लें

Mirza Rafi Sauda Shayari रुबाइयाँ Mirza Rafi Sauda Shayari 1. गर यार के सामने मैं रोया तो क्या, मिज़्गाँ में...

ग़ज़ल में मक़ता क्या होता है?

मक़ता: ग़ज़ल का आख़िरी शे'र मक़ता कहलाता है.अक्सर इसमें शा'इर अपने तख़ल्लुस (pen name) का इस्तेमाल करता है. Ghazal Shayari...

जावेद अख़्तर की किताब “तरकश” की समीक्षा

Tarkash Review: अक्सर हिंदी में शामिल उर्दू लफ़्ज़ों का सही प्रयोग और उनका उच्चारण सीखना मुश्किल लगता है। लेकिन जहाँ...

गुलज़ार की किताब “ड्योढ़ी” की समीक्षा

Dyodhi Review “किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते...

राईशा लालवानी की किताब “The diary on the Fifth Floor” की समीक्षा

The diary on the Fifth Floor Review ~ Raisha Lalwani इन दिनों हम कितनी बेवजह की उलझनों में उलझे रहते...

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

Aapka Bunty Review ~ "बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर...