July 3, 2026

Year: 2025

मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ की शायरी

Mirza Jafar Ali Hasrat Sher मिर्ज़ा जाफ़र अली 'हसरत' लखनऊ के थे. वो रायस्वरुप सिंह 'दीवाना' के शिष्य थे. उन्होंने...

दाग़ देहलवी के मशहूर शेर..

Daagh Dehlvi Shayari दाग़ देहलवी उर्दू के उस्ताद शाइरों में शुमार किए जाते हैं. नवाब मिर्ज़ा ख़ान (25 मई 1831...

मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग

Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ...

दिल को छू लेने वाले ख़ूबसूरत शेर..

Deep Shayari हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले...

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें

Ab Ke Hum Bichhde To Shayad Kabhi Khwaabon mein Milen.. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें...

अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी

Abhi to main jawan hoon - Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार...