घनी कहानी, छोटी शाखा: मास्टर भगवानदास की कहानी “प्लेग की चुड़ैल” का पहला भाग

Shayari Kya Hai? Qafiya शृ और श्री में अंतर

प्लेग की चुड़ैल- मास्टर भगवानदास  Plague ki chudail Master Bhagwandas ki kahani भाग-1 गत वर्ष जब प्रयाग में प्‍लेग घुसा और प्रतिदिन सैकड़ों गरीब और अनेक महाजन, जमींदार, वक़ील, मुख़्तार के घरों के प्राणी मरने लगे तो लोग घर छोड़कर भागने लगे। यहाँ तक कि कई डॉक्‍टर भी दूसरे शहरों को चले गए। एक मुहल्‍ले … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: गिरिजादत्त बाजपेयी की कहानी “पंडित और पंडितानी” का अंतिम भाग

Malikzada Manzoor Shayari Premchand Ki Kahani Saut

पंडित और पंडितानी- गिरिजादत्त बाजपेयी Girjadutt Bajpayi Ki Kahani Pandit aur Panditani घनी कहानी, छोटी शाखा: गिरिजादत्त बाजपेयी की कहानी ‘पंडित और पंडितानी’ का पहला भाग भाग-2   (अब तक आपने पढ़ा कि पंडित जी जब भी अपने लेखन कार्य में व्यस्त होते हैं तभी उनकी पत्नी उन्हें बातों में उलझाया करती हैं। इस बार पंडितानी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: गिरिजादत्त बाजपेयी की कहानी ‘पंडित और पंडितानी’ का पहला भाग

Malikzada Manzoor Shayari Premchand Ki Kahani Saut

पंडित और पंडितानी- गिरिजादत्त बाजपेयी Girjadutt Bajpayi Ki Kahani Pandit aur Panditani भाग-1 पंडित जी की अवस्‍था करीब पैंतालीस वर्ष की है और उनकी पत्‍नी की बीस वर्ष की। पंडित जी अँग्रेजी और संस्‍कृत दोनों में विद्वान हैं और कई पुस्‍तकें लिख चुके हैं। सप्‍ताह में दो-एक दिन उन्‍होंने समाचार पत्र और मासिक पुस्‍तकों के … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी “सौत” का अंतिम भाग

Famous Urdu Shayari Hum Maut Bhi Aaye to Masroor Nahin Hote

Hindi Kahani Saut (हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का अपना ही एक स्थान है। अपने ज़माने से आज तक वो पाठकों के हृदय में अपना स्थान बनाए हुए हैं। उनकी रचनाओं में जहाँ समाज, मानवीय गुण-दोषों का समावेश मिलता है, वहीं वो समकालीन ही लगती है। मुंशी प्रेमचंद के जन्मतिथि पर पढ़िए, उनकी लिखी कहानी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी “सौत” का दूसरा भाग

Malikzada Manzoor Shayari Premchand Ki Kahani Saut

Premchand Ki Kahani Saut ~ (हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का अपना ही एक स्थान है। अपने ज़माने से आज तक वो पाठकों के हृदय में अपना स्थान बनाए हुए हैं। उनकी रचनाओं में जहाँ समाज, मानवीय गुण-दोषों का समावेश मिलता है, वहीं वो समकालीन ही लगती है। मुंशी प्रेमचंद के जन्मतिथि पर पढ़िए, उनकी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी “सौत” का पहला भाग

Hindi Kahani Hairat Maryana Part 2 Urdu Mein Shabdon ka prayogUrdu Mein Shabdon ka prayog

Munshi Premchand Ki Kahani Saut ~ (हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का अपना ही एक स्थान है। अपने ज़माने से आज तक वो पाठकों के हृदय में अपना स्थान बनाए हुए हैं। उनकी रचनाओं में जहाँ समाज, मानवीय गुण-दोषों का समावेश मिलता है, वहीं वो समकालीन ही लगती है। मुंशी प्रेमचंद के जन्मतिथि पर पढ़िए, … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का अंतिम भाग

Hindi Kahani Hairat Maryana Aur Kokster Majaz Shayari Hindi हिन्दी व्याकरण औ और ऑ हिन्दी व्याकरण ओ और औ Shayari Kaise Karte hain

Chandrdhar Sharma Guleri Ki Kahani (हिंदी की पहली कहानी कौन-सी है? इस सवाल पर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत हैं..और उन मतों के अनुसार ही कुछ कहानियों को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। कुछ दिनों से आप “घनी कहानी छोटी शाखा” में पढ़ रहे हैं, ऐसी ही कुछ कहानियों को, जो मानी जाती हैं हिंदी की पहली कहानियों में से एक..इन दिनों आप पढ़ रहे हैं “चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’” की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” ..आज पढ़िए तीसरा और अंतिम भाग) सुखमय जीवन- चंद्रधर शर्मा “गुलेरी” ~ Chandrdhar Sharma Guleri Ki Kahani घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का पहला भाग घनी कहानी, छोटी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का दूसरा भाग

Hindi Kahani Hairat Maryana Aur Kokster Majaz Shayari Hindi हिन्दी व्याकरण औ और ऑ हिन्दी व्याकरण ओ और औ Shayari Kaise Karte hain

Kahani Sukhmay Jivan ~ (हिंदी की पहली कहानी कौन-सी है? इस सवाल पर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत हैं..और उन मतों के अनुसार ही कुछ कहानियों को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। कुछ दिनों से आप “घनी कहानी छोटी शाखा” में पढ़ रहे हैं, ऐसी ही कुछ कहानियों को, जो मानी जाती हैं हिंदी की पहली कहानियों में से एक..इन दिनों आप पढ़ रहे हैं “चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’” की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” ..आज पढ़िए दूसरा भाग) सुखमय जीवन- चंद्रधर शर्मा “गुलेरी” ~ Kahani Sukhmay Jivan घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का पहला भाग भाग-2 (अब तक आपने पढ़ा..अपने एल. एल. बी. … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का पहला भाग

Hindi Kahani Hairat Maryana Aur Kokster Majaz Shayari Hindi हिन्दी व्याकरण औ और ऑ हिन्दी व्याकरण ओ और औ Shayari Kaise Karte hain

Chandrdhar Sharma Guleri Ki Kahani Sukhmay Jivan ~ (हिंदी की पहली कहानी कौन-सी है? इस सवाल पर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत हैं..और उन मतों के अनुसार ही कुछ कहानियों को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। कुछ दिनों से आप “घनी कहानी छोटी शाखा” में पढ़ रहे हैं, ऐसी ही कुछ कहानियों को, जो मानी जाती हैं हिंदी की पहली कहानियों में से एक..आज से पेश है “चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’” की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” ..आज पढ़िए पहला भाग) सुखमय जीवन- चंद्रधर शर्मा “गुलेरी” भाग-1 परीक्षा देने के पीछे और उसके फल निकलने के पहले दिन किस बुरी तरह बीतते हैं, यह उन्हीं को मालूम है जिन्हें उन्हें गिनने का अनुभव हुआ है। सुबह उठते … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: बंग महिला राजेंद्रबाला घोष की लिखी कहानी “दुलाईवाली” का अंतिम भाग

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Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali ~ (हिंदी की पहली कहानी कौन-सी है? इस सवाल पर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत हैं..और उन मतों के अनुसार ही कुछ कहानियों को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। कुछ दिनों से आप “घनी कहानी छोटी शाखा” में पढ़ रहे हैं, ऐसी ही कुछ कहानियों को, जो मानी जाती हैं हिंदी की पहली कहानियों में से एक..इन दिनों आप पढ़ रहे हैं “बंग महिला राजेंद्रबाला घोष” की लिखी कहानी “दुलाईवाली”..आज पढ़िए तीसरा और अंतिम भाग) दुलाई वाली- बंग महिला राजेंद्र बाला घोष घनी कहानी, छोटी शाखा: बंग महिला राजेंद्रबाला घोष की लिखी कहानी “दुलाईवाली” का पहला भाग घनी कहानी, छोटी शाखा: बंग … Read more