अरग़वान रब्बही के शेर…
Arghwan Rabbhi Shayari है इक तमीज़ कि बाहर निकल नहीं सकता, तुम्हारा हाथ पकड़ कर मैं चल नहीं सकता अरग़वान…
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
Shayar Aur Sher : ‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
Arghwan Rabbhi Shayari है इक तमीज़ कि बाहर निकल नहीं सकता, तुम्हारा हाथ पकड़ कर मैं चल नहीं सकता अरग़वान…
Khalilur Rahman Azmi ख़लील-उर-रहमान आज़मी के कुछ बेहतरीन शेर- न जाने किस की हमें उम्र भर तलाश रही जिसे क़रीब…
Farhat Ehsas Shayari किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन…
Famous Trending Shayari ~ हमारे देश में उर्दू पढ़ने वालों की आबादी भले कम हो लेकिन उर्दू समझने वाले बड़ी…
Rehman Faris Shayari ~ मैं कार-आमद हूँ या बे-कार हूँ मैं मगर ऐ यार तेरा यार हूँ मैं जो देखा…
Meraj Faizabadi Shayari बिखरे बिखरे सहमे सहमे रोज़ ओ शब देखेगा कौन लोग तेरे जुर्म देखेंगे सबब देखेगा कौन ___…
Moid Rasheedi Shayari ~ लगता है तबाही मिरी क़िस्मत से लगी है ये कौन सी आँधी मिरे अंदर से उठी…
Fahmi Badayuni Shayari ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में फ़हमी…
~ Ashu Mishra Shayari पुरानी चाहत के ज़ख़्म अब तक भरे नहीं हैं और एक लड़की पड़ी है पीछे बड़े…
Noor Uz Zaman Shayari क्या क़यामत है कि घर के अंदर आरज़ू रखते हैं आराम की हम __ एक दिन…