ज़िया मज़कूर की शायरी
Zia Mazkoor Shayari बोल पड़ते हैं हम जो आगे से प्यार बढ़ता है इस रवय्ये से मैं वही हूँ यक़ीं...
Shayar Aur Sher : ‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
Zia Mazkoor Shayari बोल पड़ते हैं हम जो आगे से प्यार बढ़ता है इस रवय्ये से मैं वही हूँ यक़ीं...
Faiz Ahmad Faiz Biography फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (1911-1984) उर्दू साहित्य के सबसे मशहूर और प्रभावशाली शायरों में से एक थे।...
Arghwan Rabbhi Shayari है इक तमीज़ कि बाहर निकल नहीं सकता, तुम्हारा हाथ पकड़ कर मैं चल नहीं सकता अरग़वान...
Khalilur Rahman Azmi ख़लील-उर-रहमान आज़मी के कुछ बेहतरीन शेर- न जाने किस की हमें उम्र भर तलाश रही जिसे क़रीब...
Farhat Ehsas Shayari किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन...
Famous Trending Shayari ~ हमारे देश में उर्दू पढ़ने वालों की आबादी भले कम हो लेकिन उर्दू समझने वाले बड़ी...
Rehman Faris Shayari ~ मैं कार-आमद हूँ या बे-कार हूँ मैं मगर ऐ यार तेरा यार हूँ मैं जो देखा...
Meraj Faizabadi Shayari बिखरे बिखरे सहमे सहमे रोज़ ओ शब देखेगा कौन लोग तेरे जुर्म देखेंगे सबब देखेगा कौन ___...
Moid Rasheedi Shayari ~ लगता है तबाही मिरी क़िस्मत से लगी है ये कौन सी आँधी मिरे अंदर से उठी...
Fahmi Badayuni Shayari ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में फ़हमी...