नज़्म

मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग

Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ...

अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी

Abhi to main jawan hoon - Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार...

फ़िलिस्तीनी बच्चे के लिए लोरी ~ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Filisteeni Bachche ke liye lori फ़िलिस्तीनी बच्चे के लिए लोरी ~ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ मत रो बच्चे रो-रो के अभी...

मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें ~ रम्ज़

Mere kamre ko sajane ki tamanna hai tumhen ~ जौन एलिया नज़्म- रम्ज़ (जौन एलिया) तुम जब आओगी तो खोया...

अख़्तर शीरानी की नज़्म ‘ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर’

Aye Ishq Humen Barbaad Na Kar ~ Akhtar Shirani ऐ इश्क़ न छेड़ आ आ के हमें, हम भूले हुओं...

ख़्वाब ~ परवीन शाकिर

परवीन शाकिर की नज़्म - ख़्वाब खुले पानियों में घिरी लड़कियाँ नर्म लहरों के छींटे उड़ाती हुई बात-बे-बात हँसती हुई...

Mother’s Day Special: ज़हरा निगाह की नज़्म “डाकू”…

"मातृ दिवस" (Mothers Day) के मौक़े पर हम अपने पाठकों के लिए ज़हरा निगाह की नज़्म "डाकू" (Zehra Nigah Ki...