मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग
Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ...
Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ...
Tasavvur Kaifi Azmi ये किस तरह याद आ रही हो ये ख़्वाब कैसा दिखा रही हो कि जैसे सच-मुच निगाह...
Aisa Ho Sakta Hai Tum Aa Jao ऐसा हो सकता है तुम आ जाओ इस नयी रात की ख़मोशी में,...
Abhi to main jawan hoon - Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार...
Madam Sahir Ludhiyanwi नोट - उर्दू में "मैडम" को "मादाम" भी कहा जाता है। आप बे-वज्ह परेशान सी क्यूँ हैं...
Filisteeni Bachche ke liye lori फ़िलिस्तीनी बच्चे के लिए लोरी ~ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ मत रो बच्चे रो-रो के अभी...
Mere kamre ko sajane ki tamanna hai tumhen ~ जौन एलिया नज़्म- रम्ज़ (जौन एलिया) तुम जब आओगी तो खोया...
Aye Ishq Humen Barbaad Na Kar ~ Akhtar Shirani ऐ इश्क़ न छेड़ आ आ के हमें, हम भूले हुओं...
परवीन शाकिर की नज़्म - ख़्वाब खुले पानियों में घिरी लड़कियाँ नर्म लहरों के छींटे उड़ाती हुई बात-बे-बात हँसती हुई...
"मातृ दिवस" (Mothers Day) के मौक़े पर हम अपने पाठकों के लिए ज़हरा निगाह की नज़्म "डाकू" (Zehra Nigah Ki...