नज़्म

जिगर शेओपुरी की नज़्म- ‘बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं’

Ishq ki shayari बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं जो दिल...

औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया… साहिर लुधियानवी

Aurat ne janam diya mardon ko mardon ne use bazar diya औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे...

दो शाइर, दो नज़्में(13): मजीद अमजद और अख़्तर-उल-ईमान

Majid Amjad Hindi Shayari मजीद अमजद की नज़्म "मंटो" मैंने उस को देखा है उजली उजली सड़कों पर इक गर्द भरी...

दो शाइर, दो नज़्में(11): हबीब जालिब और नून मीम राशिद

Habib Jalib Shayari Hindi हबीब जालिब की नज़्म- औरत बाज़ार है वो अब तक जिस में तुझे नचवाया दीवार है वो...

दो शाइर, दो नज़्में(10): कैफ़ी आज़मी और मुनीर नियाज़ी

Kaifi Azmi Shayari Hindi कैफ़ी आज़मी की नज़्म- दाएरा रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे, फिर वहीं लौट के आ जाता...

दो शाइर, दो नज़्में(9): फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ और अख़्तर-उल-ईमान

Akhtar Ul Iman Shayari Faiz Ahmed Faiz Shayari फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म: बोल बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे,...

दो शाइर, दो नज़्में(7): परवीन शाकिर और फ़हमीदा रियाज़

Parveen Shakir Fehmida Riyaz _________________________________ परवीन शाकिर की नज़्म: नहीं मेरा आँचल मैला है नहीं मेरा आँचल मैला है और...

दो शाइर, दो नज़्में(6): जाँ निसार अख़्तर और जिगर श्योपुरी

Mohabbat Shayari Nazm जाँ निसार अख़्तर की नज़्म: तजज़िया मैं तुझे चाहता नहीं लेकिन, फिर भी जब पास तू नहीं...

दो शा’इर, दो नज़्में (3): फ़रहत एहसास और फ़हमीदा रियाज़

Farhat Ehsas Nazm फ़रहत एहसास की नज़्म: ख़ुद-आगही वो कैसी तारीक घड़ी थी, जब मुझको एहसास हुआ था मैं तन्हा हूँ...