सज़ा – जौन एलिया

Jaun Elia Best Sher

Saza Jaun Elia हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम हर बार तुमसे मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं तुम कौन हो ये ख़ुद भी नहीं जानती हो तुम मैं कौन हूँ ये ख़ुद भी नहीं जानता हूँ मैं तुम मुझको जान कर ही पड़ी हो अज़ाब में और इस तरह ख़ुद अपनी सज़ा … Read more

ख़ुशबू शायरी

Kamar Best Shayari Khushbu Shayari Ashu Mishra Shayari

Khushbu Shayari वो तो ख़ुशबू है हवाओं में बिखर जाएगा मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा परवीन शाकिर _____ मुहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता बशीर बद्र ____ सलीक़े से हवाओं में जो ख़ुशबू घोल सकते हैं अभी कुछ लोग बाक़ी हैं जो उर्दू … Read more

पेड़ पर शायरी

Javed ya Zaved असग़र गोंडवी अल्लामा इक़बाल Mohabbat Shayari Nazm Mohabbat Shayari Nazm हिन्दी व्याकरण ए और ऐ Urdu Shayari Meter Zehra Nigah Shayari Best Urdu Shayari Abdul Hamid Adam Shayari wazeer aagha ghazal aise Usne Kaha Tha Hindi Ki Pahli Kahani Satyajeet Ray Ki Kahani Sahpathi Urdu Shayari Tree

Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं करता तहज़ीब हाफ़ी ___ पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे मैं जंगल में पानी लाया करता था तहज़ीब हाफ़ी ____ सो गए पेड़ जाग उठी ख़ुश्बू ज़िंदगी ख़्वाब क्यूँ दिखाती है जौन एलिया ___ … Read more

लखनवी शायरी ~ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’

Best Urdu Rubai Shaam Shayari Har Haqeeqat Majaz Ho Jaye Tagore ki Kahani Bhikharin Parveen Shakir Shayari

Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका जन्म हुआ। कुलीन वंश में जन्में ‘मुसहफ़ी’ के पिता का नाम शेख़ वली मुहम्मद था। हमदानी को पढ़ने का बड़ा शौक़ था और किताबें माँग-माँग कर पढ़ा करते थे। ये जब युवा हुए तो दिल्ली … Read more