Doosra Ishq Review ~ मौजूदा दौर में अच्छी शा’इरी करने वालों की तादाद कम हो गयी है लेकिन अभी भी मंज़र-ए-आम पर कुछ ऐसे शा’इर मौजूद हैं जो अपनी शानदार शा’इरी से लोगों का मन-मोह रहे हैं. ऐसे ही एक शा’इर हैं इरशाद ख़ान ‘सिकंदर'(Irshad Khan Sikandar) , सिकंदर की किताब ‘दूसरा इश्क़’ मंज़र-ए-आम पर आ चुकी है. राजपाल प्रकाशन से प्रकाशित हुई ‘दूसरा इश्क़’ किताब का रस्म-ए-इजरा ‘विश्व पुस्तक मेला’ में हुआ. 10 जनवरी को विश्व पुस्तक मेले में किताब का रस्मे-इजरा गौहर रज़ा,कुलदीप सलिल और मीरा जौहरी जी के हाथों हुआ. इसके पहले सिकंदर की ‘आंसुओं का तर्जुमा’ भी मंज़र-ए-आम पर आ चुकी है. ये किताब अमेज़न पर भी उपलब्ध है.
दो शा’इर, दो ग़ज़लें (5): जलील मानिकपुरी और परवीन शाकिर…
Jalil Manikpuri Parveen Shakir ~ उर्दू शा’इरी के जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें हम आज पेश कर रहे हैं, वो हैं परवीन शाकिर और जलील मानिकपुरी. परवीन शाकिर की ग़ज़ल.. Jalil Manikpuri Parveen Shakir ” width=”250″ height=”271″ class=”size-full wp-image-19446″ /> Parveen Shakir[/caption] बहुत रोया वो हमको याद कर के, हमारी ज़िंदगी बरबाद कर के पलट … Read more