ज्ञान चतुर्वेदी की किताब “बारामासी” की समीक्षा

Baramasi Review

Baramasi Review ~ आज विश्व हास्य दिवस है। यूँ तो कई हास्य-व्यंग्य लिखने वाले लेखक देश में मौजूद हैं और उन्होंने साधारण से लेकर अति गम्भीर बातों को व्यंग्य के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाया है। व्यंग्य के नाम पर सबसे अधिक हरिशंकर परसाई को पढ़ा है। उनसे हटकर कोई व्यंग्य पहली बार पढ़ा … Read more

किश्वर देसाई की किताब “डार्लिंग जी” की समीक्षा

Darling Ji Review

Darling Ji Review ~ नर्गिस और सुनील दत्त की जोड़ी हमेशा एक आयडियल जोड़ी मानी जाती रही है…लेकिन उनके मिलने की कहानी भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम पेंचीदा नहीं है….जहाँ एक ओर बचपन से अपनी माँ के कारण नर्गिस सिनेमा-जगत में आ चुकी थी। वहीँ सुनील दत्त, जिनका नाम बलराज दत्त हुआ करता था, … Read more

ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा “जूठन” की समीक्षा

Joothan Review

Joothan Review पता ही नहीं था क्या होगा उसमें..कैसी होगी..अमूमन किताबों के पहले पाँच पन्नों से अनुमान लगाने की आदत है कि ये किताब कैसी होगी..शायद ये अच्छी आदत नहीं है..लेकिन जब पहले पाँच पन्ने बिना रुके पढ़े जाएँ तो मुझे लगता है कि आगे बढ़ना चाहिए..वैसे एक बार पढ़ने के लिए किताब उठाने के … Read more

गुलज़ार की किताब “ड्योढ़ी” की समीक्षा

Dyodhi Review

Dyodhi Review

“किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं
गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं”

बस कुछ इसी तरह कई किरदारों से मुलाक़ात हुई गुलज़ार की लिखी “ड्योढ़ी” को पढ़ते हुए. यूँ तो गुलज़ार के शब्दों को कई बार सुना है पर उन्हें पहली बार पढ़ा.
ड्योढ़ी कई छोटी कहानियों का संग्रह है और हर पहली कहानी दूसरी से बिलकुल अलग लगती है। इस एक संग्रह में गुलज़ार आपको कभी सीमा पार ले जाते हैं तो कभी आसमान की सैर करवाते हैं, कभी बचपन की मासूमियत से रुबरु करवाते हैं तो कभी फुटपाथ पर पलती ज़िन्दगी की मुश्किलों का अहसास करवाते हैं,कभी पहाड़ों की सैर करवाते हैं तो कभी आसमान में पतंग के साथ गोते लगवाते हैं। ज़िन्दगी में जिस तरह कई रंगों का समावेश है उसी तरह ये संग्रह भी आपको कभी ख़ुश, कभी भावुक तो कभी ठहाके मारने पर मजबूर करता है।

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राईशा लालवानी की किताब “The diary on the Fifth Floor” की समीक्षा

The diary on the Fifth Floor Review

The diary on the Fifth Floor Review ~ Raisha Lalwani इन दिनों हम कितनी बेवजह की उलझनों में उलझे रहते हैं..।इन मानसिक उलझनों का हल हमारे पास ही है बस वो कहीं नज़र नहीं आता और हम इन उलझनों को सुलझाने की बजाय और ज़्यादा उलझते जाते हैं। कुछ समझ नहीं आता और पता भी … Read more

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

Aapka Bunty Review

Aapka Bunty Review ~ “बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर की ओर लौट रहा है; तभी ख़याल आया- “धत्त वो तो स्कूल जा रहा है” इस एक वाक्य में बंटी के मन की मनस्थिति ज़ाहिर हो जाती है। जब आपको घर से ज़्यादा, बाहर आनंद … Read more

हिन्दी व्याकरण: “है” और “हैं” का प्रयोग

है और हैं का प्रयोग

है और हैं का प्रयोग – आप और हम मिलकर हिंदी व्याकरण में अक्सर होने वाली छोटी-छोटी ग़लतियों के बारे में बातें करते हैं..और इस दौरान हमने मात्राओं के बारे में जाना है। वर्णमाला और मात्राओं की जानकारी से हिंदी की नींव मज़बूत हो जाती है, उसके बाद आगे की बातें जानना और समझना भी आसान हो … Read more

हिन्दी व्याकरण: “उ” और “ऊ” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग 

Meer Ki Shayari Parveen Shakir Fehmida Riyaz हिन्दी व्याकरण उ और ऊ ज़ वाले शब्द Khaleel Jibran Kahani In Hindi Bhikharin Kahani Madhavrao Sapre Ki Ek Tokri Bhar Mitti Bang Mahila Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali

हिन्दी व्याकरण उ और ऊ की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग “उ” और “ऊ“ हिन्दी व्याकरण उ और ऊ: हिन्दी वर्णमाला के 52 वर्णों में से 11 स्वरों को मात्राओं के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनमें से अधिकांश स्वर वर्ण और उनकी मात्राएँ एक-दूसरे से मिलती जुलती होती है। जैसे इ और ई, उ … Read more

हिन्दी व्याकरण: “इ” और “ई” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग 

है और हैं का प्रयोग Urdu Ke Mushkil Shabd Urdu Hindi Nuqte Wale हिन्दी व्याकरण इ और ई Ghazal Kya hai Children Story in Hindi

हिन्दी व्याकरण इ और ई व्याकरणकी बातें- “इ” और “ई” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग हिन्दी व्याकरण इ और ई – हिंदी वर्णमाला के 52 वर्णों में से 11 स्वरों को मात्राओं के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिनमें से “अ” के प्रयोग से व्यंजनों को अपना स्वर मिलता है और बाक़ी के स्वर व्यंजनों में मात्राओं … Read more

हिन्दी व्याकरण: “ओ” और “औ” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग

Hindi Kahani Hairat Maryana Aur Kokster Majaz Shayari Hindi हिन्दी व्याकरण औ और ऑ हिन्दी व्याकरण ओ और औ Shayari Kaise Karte hain

 “ओ” और “औ” की मात्रा में अंतर और उनका उपयोग हिन्दी व्याकरण ओ और औ : हिंदी वर्णमाला के 52 वर्णों में जो 11 स्वर हैं, उन्हें मात्राओं के रूप में प्रयोग किया जाता है, जब ये स्वर किसी वर्ण में जुड़ते हैं तो उस वर्ण के उच्चारण में इन स्वरों का उच्चारण भी जुड़ जाता है। … Read more