अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी

Abhi to main jawan hoon - Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार...

अहमद कमाल परवाज़ी के बेहतरीन शेर..

Ahmad Kamal Parwazi Best Sher वो अब तिजारती पहलू निकाल लेता है मैं कुछ कहूँ तो तराज़ू निकाल लेता है...

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है – परवीन शाकिर

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है फिर मौसम-ए-बहार मिरे गुल्सिताँ में है इक ख़्वाब है कि बार-ए-दिगर देखते हैं...

नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (6): क्या है बिंदी का फ़र्क़..

Urdu Hindi Nuqte Wale उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते...

नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (5): ज और ज़..

Urdu Nuqte J aur Z उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान...