क्या कहेगा कभी मिलने भी अगर आएगा वो

क्या कहेगा कभी मिलने भी अगर आएगा वो अब वफ़ादारी की क़स्में तो नहीं खाएगा वो हम समझते थे कि...

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं ~ अहमद फ़राज़

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं मुझको मालूम ना था ख्वाब भी मर जाते हैं जाने...

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी- ‘उसने कहा था’

उसने कहा था - चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ी वालों की ज़बान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल...

भिखारिन – रबीन्द्रनाथ टैगोर

Bhikharin Rabindranath Tagore - अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह...

ईमानदारी, जिजीविषा और प्रेम की मिसाल है, सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूँ गुज़री है अब तलक’

अक्सर मैं सोचा करती हूँ कि कोई व्यक्ति अपने जीवन को लिखने के बारे में क्यों कर उत्सुक होता होगा?...

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर...