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तेरे लिए सब छोड़ के तेरा न रहा मैं – अब्बास ताबिश

अरग़वान रब्बही

तेरे लिए सब छोड़ के तेरा न रहा मैं दुनिया भी गई इश्क़ में तुझ से भी गया मैं इक…

ग़ज़ल शायरी

फ़ाएदा क्या है हमें और ख़सारा क्या है – अजमल सिराज

अरग़वान रब्बही

फ़ाएदा क्या है हमें और ख़सारा क्या है जो भी है आप का सब कुछ है हमारा क्या है हम…

ग़ज़ल शायरी

कहाँ हो तुम चले आओ मुहब्बत का तक़ाज़ा है – बहज़ाद लखनवी

अरग़वान रब्बही

कहाँ हो तुम चले आओ मुहब्बत का तक़ाज़ा है ग़म-ए-दुनिया से घबरा कर तुम्हें दिल ने पुकारा है तुम्हारी बे-रुख़ी…

ग़ज़ल शायरी

कितना आसाँ था तिरे हिज्र में मरना जानाँ – अहमद फ़राज़

अरग़वान रब्बही

सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते वर्ना इतने तो मरासिम थे कि आते जाते शिकवा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब से तो कहीं बेहतर…

कविताएँ नज़्म

जुदाई की पहली रात – परवीन शाकिर

अरग़वान रब्बही

आँख बोझल है मगर नींद नहीं आती है मेरी गर्दन में हमाइल तिरी बाँहें जो नहीं किसी करवट भी मुझे…

कविताएँ

बादल को घिरते देखा – नागार्जुन

नेहा शर्मा

अमल धवल गिरि के शिखरों पर, बादल को घिरते देखा है। छोटे-छोटे मोती जैसे उसके शीतल तुहिन कणों को मानसरोवर…

कहानियाँ गद्य

कफ़न- प्रेमचंद

नेहा शर्मा

झोंपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए थे और अंदर…

ग़ज़ल शायरी

क्या कहेगा कभी मिलने भी अगर आएगा वो

अरग़वान रब्बही

क्या कहेगा कभी मिलने भी अगर आएगा वो अब वफ़ादारी की क़स्में तो नहीं खाएगा वो हम समझते थे कि…

ग़ज़ल

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं ~ अहमद फ़राज़

अरग़वान रब्बही

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं मुझको मालूम ना था ख्वाब भी मर जाते हैं जाने…

कविताएँ नज़्म

आईना ~ परवीन शाकिर

अरग़वान रब्बही

परवीन शाकिर की नज़्म – आईना लड़की सर को झुकाए बैठी कॉफ़ी के प्याले में चमचा हिला रही है लड़का…

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वर्कशॉप और इवेंट्स के दौरान…
अरग़वान रब्बही साहित्य दुनिया की वर्कशॉप के दौरान
अरग़वान रब्बही साहित्य दुनिया की वर्कशॉप के दौरान
नेहा शर्मा साहित्य दुनिया की वर्कशॉप के दौरान
जब साहित्य दुनिया पहुँचा बच्चों के पास..
नेहा शर्मा के साथ वंदना सेन गुप्ता
मुंबई में साहित्य दुनिया की वर्कशॉप
जब साहित्य दुनिया पहुँचा बच्चों के पास..
वौइस् आर्टिस्ट और अभिनेता अमरिंदर सिंह सोढ़ी, विवा वौइस् अकादमी की संस्थापक वंदना सेन गुप्ता के साथ साहित्य दुनिया के संस्थापक नेहा शर्मा और अरग़वान रब्बही
जब साहित्य दुनिया पहुँचा बच्चों के पास..
विवा वौइस् अकादमी में साहित्य दुनिया की वर्कशॉप
विवा वौइस् अकादमी में साहित्य दुनिया की वर्कशॉप
जब साहित्य दुनिया पहुँचा बच्चों के पास..
नेहा शर्मा साहित्य दुनिया की वर्कशॉप के दौरान
जस्ट बुक्स अँधेरी में एक प्रोग्राम के बाद ली गयी तस्वीर
साहित्य दुनिया टीम
नेहा शर्मा (Neha Sharma)
अरग़वान रब्बही (Arghwan Rabbhi)
साहित्य दुनिया के बारे में

साहित्य दुनिया नेहा शर्मा और अरग़वान रब्बही का साझा प्रयास है. इसके ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

शायद यही कारण है कि साहित्य दुनिया को कम समय में ही पाठकों का ढेर सारा प्यार मिला है और लगातार मिल रहा है. साहित्य दुनिया की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई लेकिन जल्द ही साहित्य दुनिया ने मुंबई में अपनी वर्कशॉप और परिचर्चा आदि भी शुरू की है। ये एक ऐसा सिलसिला है जो अभी भी जारी है और इसे आगे बढ़ाने के लिए हम प्रयासरत हैं।

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