दिनों की लाशें — अरग़वान रब्बही
DinoN Ki LaasheN ~~ अरग़वान रब्बही ट्रेन की खिड़की से बाहर साथ-साथ चलते अंधेरों के बीच अंदर सोए लोगों की...
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
DinoN Ki LaasheN ~~ अरग़वान रब्बही ट्रेन की खिड़की से बाहर साथ-साथ चलते अंधेरों के बीच अंदर सोए लोगों की...
Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये...
Pahalwan Ki Dholak लेखक - फणीश्वरनाथ रेणु (Phanishwar Nath Renu) ________________ जाड़े का दिन। अमावस्या की रात—ठंडी और काली। मलेरिया...
कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी...
Phir usi rah guzaar par shaayad फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जिन के हम...
Main Ab Vida Leta Hoon Paash अवतार सिंह संधू "पाश" का जन्म पंजाब के तलवंडी सलेम में हुआ था. वो...
sabun ki tikiya श्रीमती किंग कमरे की उत्तर वाली खिड़की की ओर पीठ करके, सूरज की अन्तिम किरणों की रोशनी...
Saza Jaun Elia हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम हर बार तुमसे मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं...
लन्दन सन 1922 के क़रीब (नॉकर बॉय या नॉकर गर्ल की नौकरी तब थी जब अलार्म क्लॉक भरोसेमंद नहीं होते...
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वर-प्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका...