ग़ज़ल

मोमिन की ग़ज़ल- “तुम मिरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता”

Momin ki shayari असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत-फ़ज़ा नहीं होता बेवफ़ा कहने की शिकायत है तो भी वादा-वफ़ा...

उर्दू के चार सबसे बड़े शाइरों की एक-एक ग़ज़ल…

Urdu ke ustaad shayar: हम यहाँ चार ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. मीर, ग़ालिब, इक़बाल और फ़ैज़ की इन ग़ज़लों...

उमैर नज्मी की मशहूर शायरी और ग़ज़लें

उमैर नज्मी समकालीन उर्दू शायरी के चर्चित शायरों में शामिल हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, जुदाई, तन्हाई, रिश्तों और ज़िंदगी...

ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो जाने का नाम..

Aanand Naaraayan Mullaah :: जाने अफ़साना यही कुछ भी हो अफ़साने का नाम, ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो...

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़

Ranjish Hi Sahi रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के...

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं …ख़ुमार बाराबंकवी

Khumar Barabankvi Ki Shayari  वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं वो हैं पास और...

इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं…ज़हरा निगाह

Zehra Nigah इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं आने वाले बरसों ब'अद भी आते हैं हमने जिस रस्ते पर...