ग़ज़ल

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं ~ अहमद फ़राज़

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नज़र आते हैं मुझको मालूम ना था ख्वाब भी मर जाते हैं जाने...

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर...

अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये...

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें

Ab Ke Hum Bichhde To Shayad Kabhi Khwaabon mein Milen.. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें...

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है – परवीन शाकिर

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है फिर मौसम-ए-बहार मिरे गुल्सिताँ में है इक ख़्वाब है कि बार-ए-दिगर देखते हैं...

अदम गोंडवी की बेहतरीन शायरी

Adam Gondvi जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे...

शहरयार की फ़िल्मों में आयी ग़ज़लें…

जब भी मिलती है मुझे अजनबी लगती क्यूँ है ज़िंदगी रोज़ नए रंग बदलती क्यूँ है धूप के क़हर का...

आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया – शकील बदायूँनी

Aaj Phir Gardish e Taqdeer Pe Rona Aaya - Shakeel Budanyuni आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया दिल की बिगड़ी...

लखनवी शायरी ~ सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ ‘इंशा’

सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ 'इंशा' ( Insha Allah Khan Shayari ) का जन्म 1752 में हुआ था. इंशा के पिता...