ग़ज़ल

लखनवी शायरी ~ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’

Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...

उर्दू की बेहतरीन ग़ज़लें (रदीफ़ और क़ाफ़िए की जानकारी के साथ)

Best Urdu Ghazals ~ मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की ग़ज़ल (Ghazal):  बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना बस-कि दुश्वार...

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे

Keyphrase- Baazeecha E Atfal Ghalib बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे इक खेल है औरंग-ए-सुलैमाँ...

वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं ~ हसरत मोहानी

wasl kii banti haiN in baatoN se tadbeereN kahiN - Hasrat Mohani वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें...

नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Naqsh Fariyadi Hai Kiski Hai Shokhiye Tahreer Ka - Mirza Ghalib नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का काग़ज़ी है पैरहन...

गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा

Gar Baazi Ishq Ki Baazi hai ~ Faiz Ahmed Faiz कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा...

तहज़ीब हाफ़ी की शायरी और ग़ज़लें

तहज़ीब हाफ़ी समकालीन उर्दू शायरी के उन शायरों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सादा, दिलकश और आधुनिक अंदाज़-ए-बयाँ से ख़ास...

मिर्ज़ा रफ़ी सौदा की रुबाइयाँ और ग़ज़लें

Mirza Rafi Sauda Shayari रुबाइयाँ Mirza Rafi Sauda Shayari 1. गर यार के सामने मैं रोया तो क्या, मिज़्गाँ में...