ग़ज़ल

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे

Keyphrase- Baazeecha E Atfal Ghalib बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे इक खेल है औरंग-ए-सुलैमाँ...

वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं ~ हसरत मोहानी

wasl kii banti haiN in baatoN se tadbeereN kahiN - Hasrat Mohani वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें...

नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Naqsh Fariyadi Hai Kiski Hai Shokhiye Tahreer Ka - Mirza Ghalib नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का काग़ज़ी है पैरहन...

गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा

Gar Baazi Ishq Ki Baazi hai ~ Faiz Ahmed Faiz कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा...

मिर्ज़ा रफ़ी सौदा की रुबाइयाँ और ग़ज़लें

Mirza Rafi Sauda Shayari रुबाइयाँ Mirza Rafi Sauda Shayari 1. गर यार के सामने मैं रोया तो क्या, मिज़्गाँ में...

‘इश्क़ अब मेरी जान है गोया ~ जलील मानिकपुरी

Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri 'इश्क़ अब मेरी जान है गोया जान अब मेहमान है गोया...

जिनके लिए अपने तो यूँ जान निकलते हैं ~ मीर तक़ी मीर

Jinke Liye Apne To YooN Jaan Nikalte Hain- Meer Taqi Meer जिनके लिए अपने तो यूँ जान निकलते हैं इस...