अख़्तर शीरानी की नज़्म ‘ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर’
Aye Ishq Humen Barbaad Na Kar ~ Akhtar Shirani ऐ इश्क़ न छेड़ आ आ के हमें, हम भूले हुओं...
Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
Aye Ishq Humen Barbaad Na Kar ~ Akhtar Shirani ऐ इश्क़ न छेड़ आ आ के हमें, हम भूले हुओं...
Umair Najmi Best Shayari ~ तुम इस ख़राबे में चार छ: दिन टहल गई हो सो ऐन-मुमकिन है दिल की...
Zulf Shayari अपने सर इक बला तो लेनी थी मैं ने वो ज़ुल्फ़ अपने सर ली है जौन एलिया _______...
Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं...
परवीन शाकिर की नज़्म - ख़्वाब खुले पानियों में घिरी लड़कियाँ नर्म लहरों के छींटे उड़ाती हुई बात-बे-बात हँसती हुई...
Shakeel Badayuni Shayari नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं...
सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ 'इंशा' ( Insha Allah Khan Shayari ) का जन्म 1752 में हुआ था. इंशा के पिता...
Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...
Raksha Bandhan Shayari किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा...
Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे...