शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

अख़्तर शीरानी की नज़्म ‘ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर’

Aye Ishq Humen Barbaad Na Kar ~ Akhtar Shirani ऐ इश्क़ न छेड़ आ आ के हमें, हम भूले हुओं...

ख़्वाब ~ परवीन शाकिर

परवीन शाकिर की नज़्म - ख़्वाब खुले पानियों में घिरी लड़कियाँ नर्म लहरों के छींटे उड़ाती हुई बात-बे-बात हँसती हुई...

लखनवी शायरी ~ सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ ‘इंशा’

सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ 'इंशा' ( Insha Allah Khan Shayari ) का जन्म 1752 में हुआ था. इंशा के पिता...

लखनवी शायरी ~ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’

Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...

रहमान फ़ारिस के बेहतरीन शेर

Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे...