पेड़ पर शायरी
Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं...
Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
Urdu Shayari Tree ~ वो जिसकी छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँ नहीं...
परवीन शाकिर की नज़्म - ख़्वाब खुले पानियों में घिरी लड़कियाँ नर्म लहरों के छींटे उड़ाती हुई बात-बे-बात हँसती हुई...
Shakeel Badayuni Shayari नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं...
सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ 'इंशा' ( Insha Allah Khan Shayari ) का जन्म 1752 में हुआ था. इंशा के पिता...
Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...
Raksha Bandhan Shayari किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा...
Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे...
Bewafai Shayari काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें उस बेवफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें...
Lucknow Shayari -- लखनऊ है तो महज़ गुम्बद-ओ मीनार नहीं, सिर्फ एक शहर नहीं, कूचा ओ बाज़ार नहीं ~ योगेश...
Independence Day Poetry Jashn e Azadi सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिताँ हमारा अल्लामा...