साहित्य दुनिया

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें

Ab Ke Hum Bichhde To Shayad Kabhi Khwaabon mein Milen.. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें...

अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी

Abhi to main jawan hoon - Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार...

अहमद कमाल परवाज़ी के बेहतरीन शेर..

Ahmad Kamal Parwazi Best Sher वो अब तिजारती पहलू निकाल लेता है मैं कुछ कहूँ तो तराज़ू निकाल लेता है...

नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (6): क्या है बिंदी का फ़र्क़..

Urdu Hindi Nuqte Wale उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते...

नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (5): ज और ज़..

Urdu Nuqte J aur Z उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान...