ख़्वाब पर बेहतरीन शेर…
Khwab Shayari इक मुअम्मा है समझने का न समझाने का ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का फ़ानी बदायुनी…
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
Khwab Shayari इक मुअम्मा है समझने का न समझाने का ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का फ़ानी बदायुनी…
Sach Shayari ~ सादिक़ हूँ अपने क़ौल का ‘ग़ालिब’ ख़ुदा गवाह कहता हूँ सच कि झूठ की आदत नहीं मुझे…
Moid Rasheedi Shayari ~ लगता है तबाही मिरी क़िस्मत से लगी है ये कौन सी आँधी मिरे अंदर से उठी…
Rukhsar Shayari मुद्दत से इक लड़की के रुख़्सार की धूप नहीं आई इस लिए मेरे कमरे में इतनी ठंडक रहती…
Fahmi Badayuni Shayari ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में फ़हमी…
Saadat Hasan Manto Naya Qanoon ~ मंगू कोचवान अपने अड्डे में बहुत अक़्लमंद आदमी समझा जाता था, हालाँकि उसकी तालीमी…
~ Ashu Mishra Shayari पुरानी चाहत के ज़ख़्म अब तक भरे नहीं हैं और एक लड़की पड़ी है पीछे बड़े…
Noor Uz Zaman Shayari क्या क़यामत है कि घर के अंदर आरज़ू रखते हैं आराम की हम __ एक दिन…
Ain Irfan Shayari ~ उस बस्ती पर मजबूरी का साया था घर घर में बाज़ारों की आवाज़ें थीं आँखों में…
Saleem Sarmad Shayari ~ सलीम सरमद की शायरी सबके चेहरों पे तूफ़ान हैं मुंजमिद ये पता ही नहीं नाख़ुदा कौन…