सोनल सोनकवड़े का उपन्यास “कॉमा” अंत तक बांधे रखने वाली दमदार कहानी..
Sonal Sonkavde Comma Review ~ अक्सर हमें अपने बड़ों से ये सुनने मिलता है कि आजकल के बच्चों के दिमाग़...
Sonal Sonkavde Comma Review ~ अक्सर हमें अपने बड़ों से ये सुनने मिलता है कि आजकल के बच्चों के दिमाग़...
छुट्टियाँ ख़त्म हो चुकी हैं और अब ननकू को तैयारी करनी है स्कूल जाने की। ननकू ने तो अपनी पढ़ाई-लिखाई...
रसगुल्ला को ज़ोरों की नींद आ रही थी और ननकू माँ से सवाल कर रहा था कि "माँ..रसगुल्ला कहाँ सोएगा?"...
ननकू के साथ घर आकर रसगुल्ला ख़ुश तो है लेकिन यहाँ उसे पहले घर से अलग भी लग रहा है।...
पापा ने गाड़ी घर के बाहर रोकी कि ननकू झट से दरवाज़ा खोल के गेट के सामने पहुँच गया और...
पापा गाड़ी चला रहे थे माँ साथ में बैठी बात कर रही थीं। पीछे ननकू, रसगुल्ला और चीकू की मस्ती...
पापा सारा सामान गाड़ी की डिक्की में जमा रहे थे और रॉकी चाचा उनकी मदद कर रहे थे। इधर मौसी...
मौसी दादी के घर से वापस जाने की सारी तैयारी तो हो गयी है बस कल सुबह-सुबह निकलना है, सारे...
ननकू की छुट्टियाँ ख़त्म होने को आयी हैं और सभी लोग अब वापिस जाने की तैयारी कर रहे हैं. इन...
अंदर के कमरे की खिड़की से बाहर हो रही बारिश को देखकर ननकू, रसगुल्ला और चीकू मस्ती कर रहे है।...