आईना ~ परवीन शाकिर

Parveen Shakir Best Sher

परवीन शाकिर की नज़्म – आईना लड़की सर को झुकाए बैठी कॉफ़ी के प्याले में चमचा हिला रही है लड़का हैरत और मुहब्बत की शिद्दत से पागल लम्बी पलकों के लर्ज़ीदा सायों को अपनी आँख से चूम रहा है दोनों मेरी नज़र बचा कर इक दूजे को देखते हैं हँस देते हैं मैं दोनों से … Read more

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी- ‘उसने कहा था’

उसने कहा था – चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ी वालों की ज़बान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बंबूकार्ट वालों की बोली का मरहम लगावें। जब बड़े-बड़े शहरों की चौड़ी सड़कों पर घोड़े की पीठ चाबुक से धुनते हुए, … Read more

भिखारिन – रबीन्द्रनाथ टैगोर

Bhikharin Rabindranath Tagore – अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- “बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए” वह जानती थी कि मन्दिर में आने वाले सहृदय और श्रध्दालु हुआ करते हैं। उसका यह अनुमान असत्य न था। आने-जाने … Read more

इतना मालूम है!

Parveen Shakir Best Sher

अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़ सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा मैं यहाँ हूँ मगर उस कूचा-ए-रंग-ओ-बू में रोज़ की तरह से वो आज भी आया होगा और जब उसने वहाँ मुझको न पाया होगा! आपको इल्म है वो आज नहीं आई हैं? मेरी हर दोस्त से उसने यही … Read more

ईमानदारी, जिजीविषा और प्रेम की मिसाल है, सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूँ गुज़री है अब तलक’

अक्सर मैं सोचा करती हूँ कि कोई व्यक्ति अपने जीवन को लिखने के बारे में क्यों कर उत्सुक होता होगा? आख़िर ऐसी कौन सी बात होगी जिसे सोचकर व्यक्ति विशेष को ये लगता है कि वो अपने जीवन की कुछ घटनाओं को ही नहीं बल्कि पूरा का पूरा जीवन ही लोगों के सामने ज्यों का … Read more

रक़ीब से

आ कि वाबस्ता हैं उस हुस्न की यादें तुझसे जिसने इस दिल को परी-ख़ाना बना रक्खा था जिसकी उल्फ़त में भुला रक्खी थी दुनिया हमने दहर को दहर का अफ़्साना बना रक्खा था आश्ना हैं तिरे क़दमों से वो राहें जिन पर उसकी मदहोश जवानी ने इनायत की है कारवाँ गुज़रे हैं जिन से उसी … Read more

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Chaand Shayari Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने सब का अहवाल वही है जो हमारा है आज ये अलग बात कि शिकवा किया तन्हा हमने ख़ुद पशीमान हुए ने उसे शर्मिंदा किया इश्क़ की वज़्अ को क्या ख़ूब निभाया … Read more

रोज़ – अज्ञेय

Best Urdu Rubai Shaam Shayari Har Haqeeqat Majaz Ho Jaye Tagore ki Kahani Bhikharin Parveen Shakir Shayari

Agyeya Ki Kahani Roz लेखक – अज्ञेय ___________ दोपहरिए में उस घर के सूने आँगन में पैर रखते ही मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, उसके वातावरण में कुछ ऐसा अकथ्य, अस्पृश्य, किंतु फिर भी बोझिल और प्रकंपमय और घना-सा फैल रहा था…। मेरी आहट सुनते ही … Read more

रेत पर सफ़र का लम्हा – अहमद शमीम

Saleem Sarmad Shayari

Ret Par Safar Ka Lamha रेत पर सफ़र का लम्हा – अहमद शमीम कभी हम ख़ूब-सूरत थे किताबों में बसी ख़ुश्बू की सूरत साँस साकिन थी बहुत से अन-कहे लफ़्ज़ों से तस्वीरें बनाते थे परिंदों के परों पर नज़्म लिख कर दूर की झीलों में बसने वाले लोगों को सुनाते थे जो हम से दूर … Read more

शायरी की बातें…

Ameer Minai Best Sher

ग़ज़ल क्या है? मुसल्लस जब कोई कविता तीन-तीन मिसरों के बंदों में बँटी होती है, तो उसे मुसल्लस कहा जाता है। इसमें शेरों के रदीफ़-काफ़िए की बनावट के आधार पर कई किस्में होती हैं। कभी तीनों मिसरे एक जैसे रदीफ़-काफ़िए में होते हैं, तो कभी पहले दो एक जैसे होते हैं और तीसरा अलग। लेकिन … Read more