दो शा’इर, दो ग़ज़लें(7): जाँ निसार अख़्तर और महशर बदायूँनी…

Subah Shayari Morning Shayari Good Morning Shayari Famous Film Shayari Aahat Si Koi Aaye To Lagta Hai Ke Tum Ho Premchand Ki Kahani Vinod Munshi Premchand Ki Kahani Vinod Hindi Sahityik Kahani Vinod Zauq Ki Shayari

Aahat Si Koi Aaye To Lagta Hai Ke Tum Ho जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो, आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो, साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो जब शाख़ कोई हाथ लगाते ही चमन में, शरमाए लचक जाए … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (6): जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी…

Bahadur Shah Zafar Shayari Humko Mita Sake Ye Zamane Mein Dum Nahin Motivational Shayari Mirza Jafar Ali Hasrat Sher Urdu Interesting Facts

दो शा’इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ में हम आज आपके सामने जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी की ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. Humko Mita Sake Ye Zamane Mein Dum Nahin (Jigar), Mujhe bacha bhi liya chhoR kar chala bhi gaya (Irfan Siddiqui) जिगर मुरादाबादी (Jigar Moradabadi) की ग़ज़ल (Ghazal) : हमको मिटा सके ये ज़माने में … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (5): जलील मानिकपुरी और परवीन शाकिर…

titliyon par shayari व वाले शब्द Ibn e Nishati Phoolban Jalil Manikpuri Parveen Shakir Nasir Kazmi Best Sher

Jalil Manikpuri Parveen Shakir ~ उर्दू शा’इरी के जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें हम आज पेश कर रहे हैं, वो हैं परवीन शाकिर और जलील मानिकपुरी. परवीन शाकिर की ग़ज़ल..  Jalil Manikpuri Parveen Shakir ” width=”250″ height=”271″ class=”size-full wp-image-19446″ /> Parveen Shakir[/caption] बहुत रोया वो हमको याद कर के, हमारी ज़िंदगी बरबाद कर के पलट … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (4): ग़ालिब और ज़ौक़…

Ghalib Aur Zauq ki Ghazalen ~ “साहित्य दुनिया” केटेगरी के अंतर्गत “दो शा’इर, दो ग़ज़लें” सिरीज़ में हम आज जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं वो एक ही दौर के हैं और उर्दू शा’इरी में उस्ताद माने जाते हैं. शेख़ इब्राहिम “ज़ौक़” जो कि आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह “ज़फ़र” … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(3): मुनीर नियाज़ी और गुलज़ार…

Munir Niazi Gulzar Ghazal ~ “साहित्य दुनिया” केटेगरी के अंतर्गत “दो शा’इर, दो ग़ज़लें” सिरीज़ में हम आज जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं वो हैं मुनीर नियाज़ी और सम्पूर्ण सिंह कालरा “गुलज़ार”. दोनों ही बहुत मो’अतबर नाम हैं. पढ़िए ग़ज़लें.. मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: “बैठ जाता है वो जब … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(2): मनचंदा बानी और मजाज़…

Manchanda Bani Majaz Shayari ~ आज हम जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं उनके नाम हैं राजिंदर मनचंदा ‘बानी’ और असरार उल हक़ ‘मजाज़’. राजिंदर मनचंदा ‘बानी’ की ग़ज़ल:  चली डगर पर कभी न चलने वाला मैं चली डगर पर कभी न चलने वाला मैं नए अनोखे मोड़ बदलने वाला मैं … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(1): जिगर मुरादाबादी और साहिर लुधियानवी….

त वाले शब्द Sher Ka Wazn अ वाले शब्द Salam Machhlishahri Ki Nazm

आज से हमने “साहित्य दुनिया” पर एक नयी सीरीज़ शुरू करने की सोची है. हम अब लगातार अपने पाठकों के लिए मशहूर शा’इरों की ग़ज़लें भी साझा किया करेंगे. इस सिलसिले को शुरू करते हुए हम आज दो ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं, एक ग़ज़ल जिगर मुरादाबादी की है जबकि दूसरी ग़ज़ल साहिर … Read more

वज़ीर आग़ा की ग़ज़ल: “ऐसे गए कि फिर न कभी लौटना हुआ…”

Javed ya Zaved असग़र गोंडवी अल्लामा इक़बाल Mohabbat Shayari Nazm Mohabbat Shayari Nazm हिन्दी व्याकरण ए और ऐ Urdu Shayari Meter Zehra Nigah Shayari Best Urdu Shayari Abdul Hamid Adam Shayari wazeer aagha ghazal aise Usne Kaha Tha Hindi Ki Pahli Kahani Satyajeet Ray Ki Kahani Sahpathi Urdu Shayari Tree

wazeer aagha ghazal : बादल छटे तो रात का हर ज़ख़्म वा हुआ आँसू रुके तो आँख में महशर बपा हुआ ऐसे बढ़े कि मंज़िलें रस्ते में बिछ गईं ऐसे गए कि फिर न कभी लौटना हुआ ऐ जुस्तुजू कहाँ गए वो हौसले तिरे किस दश्त में ख़राब तिरा क़ाफ़िला हुआ पहुँचे पस-ए-ख़याल तो देखा … Read more

हंस के बोला करो बुलाया करो

Javed ya Zaved असग़र गोंडवी अल्लामा इक़बाल Mohabbat Shayari Nazm Mohabbat Shayari Nazm हिन्दी व्याकरण ए और ऐ Urdu Shayari Meter Zehra Nigah Shayari Best Urdu Shayari Abdul Hamid Adam Shayari wazeer aagha ghazal aise Usne Kaha Tha Hindi Ki Pahli Kahani Satyajeet Ray Ki Kahani Sahpathi Urdu Shayari Tree

Abdul Hamid Adam Shayari हंस के बोला करो बुलाया करो, आपका घर है आया जाया करो हद से बढ़कर हसीन लगते हो, झूठी क़समें ज़रूर खाया करो हुक्म करना भी एक सख़ावत है हमको ख़िदमत कोई बताया करो बात करना भी बादशाहत है बात करना ना भूल जाया करो हम हसद से “अदम” नहीं कहते, … Read more

तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती

Ishq ki shayari Kaifi Azmi Shayari Hindi Noshi Gilani Shayari Qateel Shifai Daagh Dehlvi Hari Shankar Parsai Jaishankar Prasad Amrita Pritam Ki Kahani Vrahaspativar ka vrat ~ "बृहस्पतिवार का व्रत" Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali

Noshi Gilani Shayari तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती, ख़ुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती हब्स का शहर है और उसमें किसी भी सूरत, साँस लेने की सहूलत नहीं दी जा सकती रौशनी के लिए दरवाज़ा खुला रखना है, शब से अब कोई इजाज़त नहीं ली जा सकती इश्क़ ने … Read more