तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद – फ़रहत अब्बास शाह
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है...
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है...
अहमद सलमान आधुनिक उर्दू शायरी के महत्वपूर्ण शायरों में शामिल हैं। उनकी शायरी में समाज, राजनीति, इंसानी रिश्तों, अकेलेपन और...
इश्क़ और मुहब्बत इंसानी जज़्बात में सबसे ख़ूबसूरत एहसासों में शामिल हैं। उर्दू शायरी ने सदियों से मुहब्बत, चाहत, इंतज़ार,...
"8 साल हो गए मेरी इस नौकरी को, 8 साल...क्या मिला? कुछ महीनों के ख़र्च के रुपए और कुछ उम्मीदें,...