उर्दू शायरी और शब्द : फूल, फिर, सरफिरा..

Urdu Shayari Phool Urdu Lafz Gham Ghazal Kaise Likhen Urdu Sahitya Ghazal Aur Nazm Mein Farq

Urdu Shayari Phool  फूल (پھول):: फूल (अर्थ- flower) एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे आजकल की पीढ़ी फ़ूल (Fool) बोलने लगी है जबकि इसमें फ के नीचे कोई बिंदी नहीं लगी है, इस वजह से इसे Ph (प के साथ ह की आवाज़ रहेगी एकमुश्त) की आवाज़ में लिया जाएगा और फूल(Phool) पढ़ा जाएगा.उर्दू शा’इरी में … Read more

ख़ज़ाना-ए-क़ाफ़िया

Qafiya List Urdu Shayari

जब भी कोई शेर कहना चाहता है तो उसके लिए सबसे ज़रूरी चीज़ होती है क़ाफ़िया (Qafiya) , रदीफ़ (Radeef) और वज़्न (Wazn)। (Qafiya List Urdu Shayari) जहाँ क़ाफ़िये से शेर को एक लयबद्ध रवानी मिलती है, वहीं रदीफ़ की पाबंदी से कोई शेर ग़ज़ल का हिस्सा बनता है। (Ghazal) (Qafia) (Kafia) किसी भी ग़ज़ल … Read more

हिन्दी व्याकरण: ड और ढ

हिन्दी व्याकरण ड और ढ

हिन्दी व्याकरण ड और ढ “व्याकरण की बातें ( हिन्दी व्याकरण ड और ढ )” में हम अक्सर व्याकरण, मात्राओं और वर्णों के प्रयोग में होने वाली आम ग़लतियों की चर्चा करते हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारी इस सीरिज़ से लाभ होता होगा, वैसे इसे लिखने के दौरान कुछ नयी बातें भी … Read more

शब्दकोश

Best Hindi Urdu Dictionary

Best Hindi Urdu Dictionary जब साहित्य दुनिया के शब्दकोश को लेकर हमने काम शुरू किया था तो हमें लगा कि ये किसी आम शब्दकोश से किस तरह अलग हो सकता है, लेकिन जब इस ओर काम शुरू हुआ तो एक नया नज़रिया जुड़ गया और अब ये आम शब्दकोश की तुलना में ज़रा अलग है। … Read more

उर्दू शायरी और शब्द : मेरे, मिरे, तेरे, तिरे, दिवाने, दीवाने, एक, इक…

Chaand Shayari Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri

(Urdu Shayari Mein prayog hone wale shabd) हम अक्सर उर्दू शाइरी में मिरे, तिरे, दिवाने, इक, ख़मोशी इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. जिन शब्दों का हम ज़िक्र कर रहे हैं अगर उनको हम समझें तो आमतौर पर इन शब्दों की जगह क्रमशः मेरे, तेरे, दीवाने, एक,ख़ामोशी इस्तेमाल में लाये जाते हैं. आप लोगों को … Read more

कैफ़ी आज़मी की शायरी

Kaifi Azmi Shayari

Kaifi Azmi Shayari 1- की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ थोड़ा सा प्यारा भी मुझे दे दो सज़ा के साथ 2- मंज़िल से वो भी दूर था और हम भी दूर थे हमने भी धूल उड़ाई बहुत रहनुमा के साथ 3- ऐसा लगा ग़रीबी की रेखा से हूँ बुलंद पूछा किसी ने … Read more

तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़लें..

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1 Tehzeeb Hafi Ki Shayari तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया Tehzeeb Hafi Ki Shayari इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया यूँ नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूँ जो भी उस पेड़ की छाँव में गया बैठ गया इतना मीठा था वो ग़ुस्से भरा लहजा मत पूछ … Read more

मीर के मशहूर शेर

Meer Taqi Meer ki shayari. Ghazal Shayari Maqta संज्ञा के प्रकार ह वाले शब्द Sangya Ke Bhed

Meer Taqi Meer जिन जिन को था ये इश्क़ का आज़ार मर गए अक्सर हमारे साथ के बीमार मर गए _____ दिखाई दिए यूँ कि बे-ख़ुद किया हमें आपसे भी जुदा कर चले _____ इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है यानी अपना ही मुब्तला है इश्क़ Meer Taqi Meer _____ कहते तो हो यूँ कहते यूँ … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का अंतिम भाग

Premchand ki kahani Dhaporshankh

Premchand ki kahani Dhaporshankh ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद पहला भाग दूसरा भाग तीसरा भाग चौथा भाग पाँचवाँ भाग छठा भाग भाग-7 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ … Read more

मिर्ज़ा ग़ालिब के मशहूर शेर

Mirza Ghalib ki shayari Ghalib Shayari Rubai Naqsh Fariyadi Hai Dard Minnat Kash Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka Mirza Ghalib ke sher

Mirza Ghalib ke sher कोई उम्मीद बर नहीं आती कोई सूरत नज़र नहीं आती _____ जान दी, दी हुई उसी की थी हक़ तो यूँ है कि हक़ अदा न हुआ ______ ज़िंदगी यूँ भी गुज़र ही जाती क्यूँ तिरा राहगुज़र याद आया ______ हुई मुद्दत कि ‘ग़ालिब’ मर गया पर याद आता है वो … Read more