यक-ज़र्रा-ए-ज़मीं नहीं बे-कार बाग़ का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Mirza Ghalib ki shayari Ghalib Shayari Rubai Naqsh Fariyadi Hai Dard Minnat Kash Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka Mirza Ghalib ke sher

Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka ~ Mirza Ghalib यक-ज़र्रा-ए-ज़मीं नहीं बे-कार बाग़ का याँ जादा भी फ़तीला है लाले के दाग़ का बे-मय किसे है ताक़त-ए-आशोब-ए-आगही खींचा है इज्ज़-ए-हौसला ने ख़त अयाग़ का बुलबुल के कारोबार पे हैं ख़ंदा-हा-ए-गुल कहते हैं जिसको इश्क़ ख़लल है दिमाग़ का ताज़ा नहीं है नश्शा-ए-फ़िक्र-ए-सुख़न मुझे … Read more

शायरी सीखें: वज़्न करने का तरीक़ा (11)

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Shayari Kaise Karte hain: पिछले बार जब हमने बात की थी तो ये बताया था कि ग़ज़ल में एक ज़मीन होती है और वज़्न के बारे में भी कुछ बहुत शुरू’अ की बातें की थीं.हमने वज़्न लेने के लिए बताया था कि हम गणित के 1 और 2 के आधार पर इसे समझेंगे. पिछली बार … Read more

जिगर शेओपुरी की नज़्म- ‘बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं’

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Ishq ki shayari बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं जो दिल में कभी थी, उसी आरज़ू का, मुहब्बत से जो की उसी गुफ़्तगू का, तुम्हें वास्ता हम सनम दे रहे हैं हमें भूल जाना क़सम दे रहे हैं पलक पे रखेंगे तुम्हें, सोचते थे कभी ग़म … Read more

जिगर मुरादाबादी के 100 बेहतरीन शेर…

Jigar Moradabadi Best Sher

Jigar Moradabadi Best Sher 1- अपना ज़माना आप बनते हैं अहल-ए-दिल हम वो नहीं कि जिनको ज़माना बना गया 2- आँखों का क़सूर था न दिल का क़सूर था आया जो मेरे सामने मेरा ग़ुरूर था 3- वो थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था आता न था नज़र तो नज़र का क़सूर … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा (10)

Shayari Kaise Karen

शायरी कैसे करें (Shayari Kaise Karen) : आज हम आपको उर्दू शाइरी में इस्तेमाल की जाने वाली जिस बह्र के बारे में बताने जा रहे हैं उसका नाम है बह्र ए मुतदारिक. इसका रुक्न “फ़ा-इ-लुन(2-1-2)” है. इस रुक्न के बारे में हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं. इस बह्र की सभी ग़ज़लें इसी रुक्न … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा (9)

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Urdu Shayari Behr बह्र ए हज़ज सालिम आज हम आपको उर्दू शाइरी में इस्तेमाल की जाने वाली जिस बह्र के बारे में बताने जा रहे हैं उसका नाम है बह्र ए हज़ज. इसका रुक्न “मु-फ़ा-ई-लुन” (1-2-2-2) है जिसके बारे में हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं. इस बात को समझना बहुत ज़रूरी है कि … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा (8)

त वाले शब्द Sher Ka Wazn अ वाले शब्द Salam Machhlishahri Ki Nazm

Sher Ka Wazn इसके पहले हमने आपको वज़्न करने के बारे में भी बताया है और साथ ही साथ हमने आपको शाइरी के आठ रुक्न भी बताये हैं. हम आज आपको बताने जा रहे हैं उर्दू शाइरी में इस्तेमाल में लायी जाने वाली बह्र के बारे में. ग़ज़ल के बारे में ये बात जाननी बहुत … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा (7)

Ghazal Likhne Ka Tareeka ख और ख़ वाले शब्द ज और ज़ वाले शब्द

Ghazal Likhne Ka Tareeka शा’इरी में यूँ तो ख़याल की पुख़्तगी बहुत अहम् है लेकिन सिर्फ़ अच्छा या नया ख़याल होना ही शा’इरी नहीं हो जाएगा. ये बात बहुत ठीक से समझने की है कि शा’इरी सिर्फ़ फ़िलोसफ़ी नहीं है, फ़लसफ़े के साथ आहंग या मौसिक़ीयत (संगीत) का होना भी उतना ही ज़रूरी है. आजकल … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा (6)

Learn Urdu Poetry Hindi Shayari Ki Zaroori Baaten आ वाले शब्द

Learn Urdu Poetry Hindi वज़्न की बातें सिरीज़ में हमने इसके पहले आपको बताया था कि किस तरह से कुछ शब्दों का वज़्न होता तो 21 है लेकिन कुछ लोग 12 ले लेते हैं. इसमें हमने जो शब्द बताये थे वो ऐसे थे जिसमें कुल तीन अक्षर थे और बीच का अक्षर “ह” था और आख़िर का “र”, जैसे शहर, क़हर इत्यादि. आज हम कुछ और ऐसे अलफ़ाज़ बताएँगे जो तीन हर्फ़ी हैं और इनका वज़्न 21 होता है लेकिन कुछ लोग 12 ले लेते हैं.

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वज़्न करने का तरीक़ा (5)

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Urdu Shayari Wazn Hindi : वज़्न की बातें सिरीज़ में हमने आपको पहले ही बताया है कि कोई भी शेर तब तक शेर नहीं हो सकता जब तक कि उसका वज़्न ठीक न हो. हम जानते हैं कि एक शेर के दोनों मिसरों का वज़्न एक ही होना चाहिए, अगर ये अलग होता है तो … Read more