ग़म रोज़गार के…

Arghwan Ki Kahani- Gham Rozgaar ke

(Gham Rozgaar ke :यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार साहित्य दुनिया के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति के कहानी के किसी भी अंश, भाग या कहानी को अन्यत्र प्रकाशित करना अवांछनीय है।) आज की कहानी साहित्य दुनिया के लिए अरग़वान रब्बही ने लिखी है. … Read more

औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया… साहिर लुधियानवी

Aurat ne janam diya

Aurat ne janam diya mardon ko mardon ne use bazar diya औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा धुत्कार दिया तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में नंगी नचवाई जाती है अय्याशों के दरबारों में ये वो बे-इज़्ज़त चीज़ है … Read more

आज की कहानी- पिंजरा

Aaj ki kahani pinjra

Aaj Ki Kahani Pinjra: यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार साहित्य दुनिया के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति के कहानी के किसी भी अंश, भाग या कहानी को अन्यत्र प्रकाशित करना अवांछनीय है. ऐसा करने पर साहित्य दुनिया दोषी के ख़िलाफ़ आवश्यक क़दम उठाने … Read more

फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी

Firaq Gorakhpuri Ki Shayari

Firaq Gorakhpuri Ki Shayari 1. तुम्हें क्यूँकर बताएँ ज़िंदगी को क्या समझते हैं समझ लो साँस लेना ख़ुद-कुशी करना समझते हैं 2. बस इतने पर हमें सब लोग दीवाना समझते हैं कि इस दुनिया को हम इक दूसरी दुनिया समझते हैं सोशल मीडिया और Instagram रील के लिए बेहतरीन शायरी का संकलन… 3. कहाँ का … Read more

आज की कहानी- तितलियाँ

Hindi Kahani Titliyan

Hindi Kahani Titliyan (यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार साहित्य दुनिया के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति के कहानी के किसी भी अंश, भाग या कहानी को अन्यत्र प्रकाशित करना अवांछनीय है. ऐसा करने पर साहित्य दुनिया दोषी के ख़िलाफ़ आवश्यक क़दम उठाने के … Read more

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़

Ranjish Hi Sahi

Ranjish Hi Sahi रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ कुछ तो मिरे पिंदार-ए-मुहब्बत का भरम रख तू भी तो कभी मुझ को मनाने के लिए आ पहले से मरासिम न सही फिर भी कभी तो रस्म-ओ-रह-ए-दुनिया ही निभाने के लिए आ किस-किस … Read more

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं …ख़ुमार बाराबंकवी

Javed ya Zaved असग़र गोंडवी अल्लामा इक़बाल Mohabbat Shayari Nazm Mohabbat Shayari Nazm हिन्दी व्याकरण ए और ऐ Urdu Shayari Meter Zehra Nigah Shayari Best Urdu Shayari Abdul Hamid Adam Shayari wazeer aagha ghazal aise Usne Kaha Tha Hindi Ki Pahli Kahani Satyajeet Ray Ki Kahani Sahpathi Urdu Shayari Tree

Khumar Barabankvi Ki Shayari  वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं वो हैं पास और याद आने लगे हैंमुहब्बत के होश अब ठिकाने लगे हैं सुना है हमें वो भुलाने लगे हैंतो क्या हम उन्हें याद आने लगे हैं  हटाए थे जो राह से दोस्तों कीवो पत्थर मिरे घर में … Read more

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं… अहमद फ़राज़

Ahmad Faraz Ki Shayari Urdu Ke Pahle Shayar

Ahmad Faraz Ki Shayari  सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं Ahmad Faraz Ki Shayari सुना है रब्त है उसको ख़राब-हालों से सो अपने आपको बरबाद कर के देखते हैं सुना है दर्द की गाहक है चश्म-ए-नाज़ उस की सो हम भी उसकी … Read more

इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं…ज़हरा निगाह

Zehra Nigah न वाले शब्द

Zehra Nigah इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं आने वाले बरसों ब’अद भी आते हैं हमने जिस रस्ते पर उसको छोड़ा है फूल अभी तक उस पर खिलते जाते हैं दिन में किरनें आँख-मिचोली खेलती हैं रात गए कुछ जुगनू मिलने जाते हैं देखते-देखते इक घर के रहने वाले अपने अपने ख़ानों में बट … Read more

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता …. निदा फ़ाज़ली

Nida Fazli Ki Shayari waseem barelvi Ada Shayari

Nida Fazli Ki Shayari कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता तमाम शहर में ऐसा नहीं ख़ुलूस न हो जहाँ उमीद हो इसकी वहाँ नहीं मिलता कहाँ चराग़ जलाएँ कहाँ गुलाब रखें छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता Nida Fazli Ki Shayari ये क्या अज़ाब है सब … Read more