आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक

Ghalib Ke Baare Mein Parag Agrawal Ghalib Aur Zauq ki Ghazalen Baazeecha E Atfal Ghalib Aaina Kyun Na Doon Aah Ko Chahiye Ik

Aah Ko Chahiye Ik Umr Asar Hone Tak ~ आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक, कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक दाम-ए-हर-मौज में है हल्क़ा-ए-सद-काम-ए-नहंग, देखें क्या गुज़रे है क़तरे पे गुहर होते तक आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब, दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक हम ने माना … Read more

इक़बाल की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए उनके दस शे’र…

Hindi Kahani Khwahish Iqbal ke Top Sher Ghar Shayari

Iqbal ke Top Sher: महान उर्दू और फ़ारसी शा’इर मुहम्मद इक़बाल की आज पुण्यतिथि है. उनका जन्म 9 नवम्बर 1877 में हुआ था. वो एक महान दार्शनिक, नेता और महान शा’इर थे. इक़बाल को आधुनिक काल की फ़ारसी शा’इरी का महानतम कवि कहा जाता है.  उर्दू में उनकी शिकवा और जवाब ए शिकवा बहुत मक़बूल … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई….

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मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या (Zinda Rahen To Kya Mar Jayen Hum To Kya) ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या, दुनिया से ख़ामुशी से गुज़र जाएँ हम तो क्या हस्ती ही अपनी क्या है ज़माने के सामने, इक ख़्वाब हैं … Read more

उर्दू शायरी और शब्द : ‘ग़म’, बोलने का तरीक़ा, कुछ बातें और इससे जुड़े शब्द…

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Urdu Lafz Gham :  ग़म (غم): ग़म शब्द मूल रूप से फ़ारसी भाषा से लिया गया है. इसका अर्थ है दुःख, शोक, क्षोब, इत्यादि. उर्दू में इसे ग़ैन (غ) और मीम (م) को मिला कर लिखा जाता है. हिंदी में ग़ैन (غ) के लिए “ग़” और मीम (م) के लिए “म” का प्रयोग किया जाता है और इस प्रकार इसे “ग़म” लिखा जाता है. ध्यान रहे इसमें ग के नीचे बिंदी (नुक़ता) लगी हुआ है और इसलिए इसका उच्चारण करते समय विशेष ध्यान रहे. अगर ग के नीचे बिंदी ना होती और ये ‘गम’ लिखा होता तो उर्दू ज़बान में इसे लिखने के लिए ग़ैन (غ) और मीम (م) का नहीं बल्कि गाफ़ (گ) और मीम (م) का इस्तेमाल होता. ग़म से बने कुछ अलफ़ाज़..

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उर्दू शायरी और शब्द : ज़रा ध्यान से “ख़ू” को “ख़ूं” ना समझ लीजियेगा…

wo humsafar tha वो हम-सफ़र था मगर उससे हम-नवाई न थी Urdu ke Mushkil Lafz Akhtar Ul Iman Shayari Majaz Shayari Famous Barish Shayari Barsaat Shayari Baarish Shayari Hindi Kahani Arghwan Rabbhi Urdu Lafz Aghori Ka Moh Acaharya Ram Chandra Shukl Ki Kahani Gyaarah Varsh Ka Samay Jigar aur dil ko bachana

Urdu Lafz :  हर ज़बान में कुछ ऐसे लफ़्ज़ होते हैं जो बोलने में लगभग एक से सुनाई देते हैं लेकिन मा’नी में अलग होते हैं. हालाँकि ये लफ़्ज़ बोलने में भी अलग ही होते हैं लेकिन सुनते वक़्त कोई कम ध्यान लगाए तो एक से लग जाएँ.ऐसे ही लफ़्ज़ों के दो जोड़े हम आज … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (4): ग़ालिब और ज़ौक़…

Ghalib Aur Zauq ki Ghazalen ~ “साहित्य दुनिया” केटेगरी के अंतर्गत “दो शा’इर, दो ग़ज़लें” सिरीज़ में हम आज जिन दो शा’इरों की ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं वो एक ही दौर के हैं और उर्दू शा’इरी में उस्ताद माने जाते हैं. शेख़ इब्राहिम “ज़ौक़” जो कि आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह “ज़फ़र” … Read more

मीर मेंहदी के नाम मिर्ज़ा ग़ालिब का ख़त..

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Ghalib ka khat- मीर मेंहदी के नाम मिर्ज़ा ग़ालिब का ख़त जाने-ग़ालिब ! अब की ऐसा बीमार हो गया था कि मुझको ख़ुद अफ़सोस था. पांचवें दिन ग़िज़ा खायी. अब अच्छा हूँ. तंदरुस्त हूँ, ज़िलहिज्ज १२७६ हिजरी तक कुछ खटका नहीं है. मुहर्रम की पहली तारीख़ से अल्लाह मालिक है. मीर नसीर उद्दीन आये कई … Read more