अहमद सलमान के बेहतरीन शेर…

Behzad Lucknowi Best Sher Urdu Words for Shayari

Ahmad Salman Best Sher जो हम पे गुज़रे थे रंज सारे जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी अपनी मुहब्बतों के अज़ाब झेले तो लोग समझे उस एक कच्ची सी उम्र वाली के फ़लसफ़े को कोई न समझा जब उस के कमरे से लाश निकली ख़ुतूत निकले तो लोग समझे वो जिन दरख़्तों … Read more

टूटे हुए दिल की शायरी

Broken Heart Shayari

Broken Heart Shayari ~ रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ अहमद फ़राज़ _____ किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम तू मुझसे ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ अहमद फ़राज़ _______ थी बहुत तेज़ जो सर्दी की हवा, ये भी … Read more

हसरत मोहानी के बेहतरीन शेर

Hasrat Mohani Best Sher

Hasrat Mohani Best Sher चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए वो तिरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगह मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक … Read more

हुस्न पर शायरी

Husn Shayari

Husn Shayari किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी ये हुस्न ओ इश्क़ तो धोका है सब मगर फिर भी फ़िराक़ गोरखपुरी ~~~~~~ तुम हुस्न की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है साहिर लुधियानवी ~~~~~ उस हुस्न … Read more

बेवफ़ाई पर ख़ूबसूरत शेर

Dard Bhari Shayari Best Urdu Ghazals Bewafai Shayari

Bewafai Shayari काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें उस बेवफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें अख़्तर शीरानी _____ जो मिला उसने बेवफ़ाई की कुछ अजब रंग है ज़माने का मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी _____ इक अजब हाल है कि अब उसको याद करना भी बेवफ़ाई है जौन एलिया _____ हमने तो … Read more

जुदाई पर शेर

Dard Bhari Shayari Best Urdu Ghazals Bewafai Shayari

Judai Shayari किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ अहमद फ़राज़ (Ahmed Faraz) ~ इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की आज पहली बार उससे मैंने बेवफ़ाई की अहमद फ़राज़ (Ahmed Faraz) ~ उसको जुदा हुए भी ज़माना बहुत हुआ अब क्या कहें ये … Read more

जिगर मुरादाबादी के 100 बेहतरीन शेर…

Jigar Moradabadi Best Sher

Jigar Moradabadi Best Sher 1- अपना ज़माना आप बनते हैं अहल-ए-दिल हम वो नहीं कि जिनको ज़माना बना गया 2- आँखों का क़सूर था न दिल का क़सूर था आया जो मेरे सामने मेरा ग़ुरूर था 3- वो थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था आता न था नज़र तो नज़र का क़सूर … Read more