मुशायरों में इस्तेमाल होने वाले अलफ़ाज़ …

Radeef kya hai Urdu Shayari Behr Mutqarib Mushaira Urdu Shayari संज्ञा के प्रकार

Mushaira Urdu Shayari ~ इस सीरीज़ में यूँ तो अभी हम ‘ वज़्न करने का तरीक़ा‘ बता रहे हैं लेकिन बीच-बीच में हम कुछ और बातें भी कर रहे हैं. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हम आज बात करेंगे मुशाइरों में इस्तेमाल होने वाले अलफ़ाज़ और उनके अर्थ के बारे में. आम हों या … Read more

तितलियों पर 10 शेर

titliyon par shayari व वाले शब्द Ibn e Nishati Phoolban Jalil Manikpuri Parveen Shakir Nasir Kazmi Best Sher

titliyon par shayari 1. तितलियाँ जुगनू सभी होंगे मगर देखेगा कौन हम सजा भी लें अगर दीवार-ओ-दर देखेगा कौन नोशी गिलानी (Noshi Gilani) 2. काँटों में घिरे फूल को चूम आएगी लेकिन तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा परवीन शाकिर (Parveen Shakir) 3. उजाड़ तपती हुई राह में भटकने लगी न जाने फूल … Read more

साहिर लुधियानवी की 10 मशहूर ग़ज़लें

Sahir Ludhianvi Top Ghazals

Sahir Ludhianvi Top Ghazals उर्दू शायरी की बात हो और इश्क़ की बात न हो, और इश्क़ की बात शायरी के साथ हो और साहिर लुधियानवी का नाम न हो, ऐसा संभव ही नहीं है. साहिर लेकिन जहाँ मुहब्बत की शायरी के लिए जाने जाते हैं वहीं इन्क़लाबी रंग भी उनके यहाँ खिल कर आता … Read more

मुहम्मद इक़बाल के बेहतरीन शेर..

Iqbal Shayari Hindi

Iqbal Shayari Hindi मुहम्मद इक़बाल को सर मुहम्मद इक़बाल या फिर अल्लामा इक़बाल के नाम से भी जाना जाता है. इक़बाल उर्दू शाइरी के सबसे बड़े शाइरों में शुमार किए जाते हैं. इक़बाल का जन्म (Iqbal ka janm) 9 नवम्बर 1877 को सिआलकोट में हुआ था. इक़बाल के जन्मदिन को ‘विश्व उर्दू दिवस’ या ‘वर्ल्ड … Read more

क्या होती है ग़ज़ल और क्या है नज़्म?

Urdu Shayari Phool Urdu Lafz Gham Ghazal Kaise Likhen Urdu Sahitya Ghazal Aur Nazm Mein Farq

Ghazal Aur Nazm Mein Farq
ग़ज़ल:
ग़ज़ल में एक ही ज़मीन होती है और पूरी ग़ज़ल एक बह्र में ही कही जाती है. मत’ला के दोनों मिसरे रदीफ़ और क़ाफ़िये पर ख़त्म होते हैं जबकि बाक़ी शे’रों में सिर्फ़ दूसरे मिसरे ही रदीफ़ और क़ाफ़िये में बंधे होते हैं. एक ग़ज़ल में एक से अधिक मत’ले हो सकते हैं.

मा’नी के लिहाज़ से ग़ज़ल के हर शे’र का अपना अलग अर्थ होता है. ग़ज़ल में शे’रों की संख्या निर्धारित नहीं है, फिर भी ये माना जाता है कि इसमें कम से कम पांच शे’र तो होने ही चाहियें और अधिक से अधिक शे’रों की कोई सीमा नहीं है . पुराने ज़माने में लोग ये मानते थे कि ग़ज़ल में अश’आर (शे’रों) की संख्या विषम होनी चाहिए लेकिन इस नियम का ना तब कोई पालन करता था और ना ही आज इस पर कोई ध्यान देता है, यूँ भी इस नियम का कोई मतलब भी नहीं है. Ghazal Aur Nazm Mein Farq
एक बात यहाँ बताते चलें कि अक्सर लोगों को ये लगता है कि पूरी ग़ज़ल एक ही टॉपिक पर होती है लेकिन ऐसा नहीं है. हर शे’र अपने आप में मुक़म्मल है और मतलब के लिहाज़ से इसका दूसरे शे’र से कोई सम्बन्ध नहीं होता.कुल मिलाकर बस रदीफ़, क़ाफ़िया और एक ही बह्र का होना ज़रूरी है.

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शायरी सीखें: क्या होती है ज़मीन, रदीफ़, क़ाफ़िया….

हिन्दी व्याकरण ड और ढ ठ वाले शब्द Radeef Qafiya Misra Shayari Mirza Rafi Sauda Shayari

Radeef Qafiya Misra Shayari साहित्य दुनिया में शायरी सीखें. मिसरा: किसी भी लाइन को मिसरा कहते हैं. मिसरा-ए-ऊला: शे’र के पहले मिसरे को मिसरा ए ऊला (ऊला मिसरा) कहते हैं. मिसरा-ए-सानी: शे’र के दूसरे या’नी अंतिम मिसरे को मिसरा-ए-सानी कहते हैं. रदीफ़: ग़ज़ल या क़सीदे के शेरों के अंत में  जो शब्द या शब्द-समूह बार … Read more

मिर्ज़ा ग़ालिब के बेहतरीन शेर

Ghalib Best Sher

Ghalib Best Sher 1. फिर उसी बेवफ़ा पे मरते हैं, फिर वही ज़िंदगी हमारी है 2. बे-ख़ुदी बे-सबब नहीं ‘ग़ालिब’ कुछ तो है जिसकी पर्दा-दारी है 3. हम भी दुश्मन तो नहीं हैं अपने, ग़ैर को तुझसे मुहब्बत ही सही 4. हम कोई तर्क-ए-वफ़ा करते हैं, न सही इश्क़ मुसीबत ही सही 5. यार से … Read more

वज़्न करने का तरीक़ा(12): बह्र ए मुतक़ारिब…

Radeef kya hai Urdu Shayari Behr Mutqarib Mushaira Urdu Shayari संज्ञा के प्रकार

( Urdu Shayari Behr Mutqarib ) इसके पहले हमने आपको वज़्न करने के बारे में भी बताया है और साथ ही साथ हमने आपको शाइरी के आठ रुक्न भी बताये हैं. हम आज आपको बताने जा रहे हैं उर्दू शाइरी में इस्तेमाल में लायी जाने वाली बह्र के बारे में. ग़ज़ल के बारे में ये … Read more

शायरी सीखें ~ क़त्आ, रूबाई, हम्द….

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Urdu Sahitya क़त्आ– दो या दो से अधिक शे’रों में जब एक विषय को शा’इरी में शामिल करने की कोशिश की जाती है तो शे’रों के इस समूह को क़त्’आ कहते हैं. क़त्आ ग़ज़ल के अन्दर भी हो सकते हैं और उसके बाहर भी, इसमें कोई पाबंदी जैसी चीज़ नहीं है. रूबाई– रूबाई चार-चार मिसरों … Read more

क्या होता है ‘फ़र्द’ ?

Dushyant Kumar Shayari ई यी ए ये ड वाले शब्द Urdu Shayari Mein Fard म वाले शब्द

Urdu Shayari Mein Fard देखा जाए तो शा’इरी अपने आप में एक बहुत बड़ा विषय है. इसके बारे में चर्चा करिए तो बहुत सी ऐसी बातें सामने आती हैं जिनका ज़िक्र अब होना कुछ कम ही हो गया है. ऐसा ही एक शब्द है फ़र्द, फ़र्द का अर्थ है अद्वितीय, अकेला. फ़र्द का इस्तेमाल जब … Read more