अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी
Abhi to main jawan hoon – Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार पुर-बहार है कहाँ चला है साक़िया इधर तो लौट इधर तो आ अरे ये देखता है क्या उठा सुबू सुबू उठा सुबू उठा प्याला भर प्याला भर के दे इधर चमन की सम्त कर नज़र … Read more