अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Irfan Sattar

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है जो था, नहीं है, और न था, है, ये इश्क़ है पहले जो था, वो सिर्फ़ तुम्हारी तलाश थी लेकिन जो तुमसे मिल के हुआ है, ये इश्क़ है तश्कीक है, न जंग … Read more

पहलवान की ढोलक – फणीश्वरनाथ रेणु

Pahalwan Ki Dholak लेखक – फणीश्वरनाथ रेणु (Phanishwar Nath Renu) ________________ जाड़े का दिन। अमावस्या की रात—ठंडी और काली। मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव भयार्त्त शिशु की तरह थर-थर काँप रहा था। पुरानी और उजड़ी बाँस-फूस की झोपड़ियों में अंधकार और सन्नाटे का सम्मिलित साम्राज्य! अँधेरा और निस्तब्धता! अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही … Read more

अकाल और उसके बाद – नागार्जुन

Akaal aur uske baad

कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बाद धुआँ उठा आँगन से ऊपर कई दिनों के बाद चमक उठी घर … Read more

फिर उसी रहगुज़ार पर शायद

Ranjish Hi Sahi

Phir usi rah guzaar par shaayad फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जिन के हम मुंतज़िर रहे उन को मिल गए और हम-सफ़र शायद जान-पहचान से भी क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद अज्नबिय्यत की धुँद छट जाए चमक उठ्ठे तिरी नज़र शायद ज़िंदगी भर लहू रुलाएगी … Read more

मैं अब विदा लेता हूँ – पाश

Kamar Best Shayari Khushbu Shayari Ashu Mishra Shayari

Main Ab Vida Leta Hoon Paash अवतार सिंह संधू “पाश” का जन्म पंजाब के तलवंडी सलेम में हुआ था. वो पंजाबी भाषा के मशहूर कवि थे. मैं अब विदा लेता हूँ मेरी दोस्त, मैं अब विदा लेता हूँ मैंने एक कविता लिखनी चाही थी सारी उम्र जिसे तुम पढ़ती रह सकतीं उस कविता में महकते … Read more

लू शुन की कहानी- साबुन की टिकिया

sabun ki tikiya

sabun ki tikiya श्रीमती किंग कमरे की उत्तर वाली खिड़की की ओर पीठ करके, सूरज की अन्तिम किरणों की रोशनी में पितर-पूजा में जलाने के लिए काग़ज़ के नोटों की तह कर रही थीं। उसकी आठ वर्ष की लड़की एलिगैंस (शोभा) भी उसका हाथ बंटा रही थी। इसी समय मोटे कपड़े के तले वाले वृत्तों … Read more

सज़ा – जौन एलिया

Jaun Elia Best Sher

Saza Jaun Elia हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम हर बार तुमसे मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं तुम कौन हो ये ख़ुद भी नहीं जानती हो तुम मैं कौन हूँ ये ख़ुद भी नहीं जानता हूँ मैं तुम मुझको जान कर ही पड़ी हो अज़ाब में और इस तरह ख़ुद अपनी सज़ा … Read more

मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ की शायरी

Bahadur Shah Zafar Shayari Humko Mita Sake Ye Zamane Mein Dum Nahin Motivational Shayari Mirza Jafar Ali Hasrat Sher Urdu Interesting Facts

Mirza Jafar Ali Hasrat Sher मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ लखनऊ के थे. वो रायस्वरुप सिंह ‘दीवाना’ के शिष्य थे. उन्होंने दो दीवान छोड़े हैं. ‘जुरअत’ और ‘हसन’ इनके शिष्य थे. _______ तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुर्सत हम अपने ग़म से कब ख़ाली, चलो बस हो चुका मिलना, न तुम ख़ाली न हम ख़ाली मिर्ज़ा जाफ़र … Read more

विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं

Vinod Kumar Shukla

Vinod Kumar Shukla Poems 1. हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया मैंने हाथ बढ़ाया मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ मुझे वह नहीं जानता था मेरे हाथ बढ़ाने को जानता था हम दोनों साथ चले दोनों एक … Read more

दाग़ देहलवी के मशहूर शेर..

Daagh Dehlvi Shayari दाग़ देहलवी उर्दू के उस्ताद शाइरों में शुमार किए जाते हैं. नवाब मिर्ज़ा ख़ान (25 मई 1831 – 17 मार्च 1905), जो अपने तख़ल्लुस “दाग़ देहलवी” से प्रसिद्ध थे जो अपनी उर्दू ग़ज़लों के लिए जाने जाते हैं। वे पुरानी दिल्ली स्कूल के उर्दू काव्य परंपरा से जुड़े हुए थे। दाग़ ने … Read more