शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

यक-ज़र्रा-ए-ज़मीं नहीं बे-कार बाग़ का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka ~ Mirza Ghalib यक-ज़र्रा-ए-ज़मीं नहीं बे-कार बाग़ का याँ जादा भी फ़तीला...

जिगर शेओपुरी की नज़्म- ‘बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं’

Ishq ki shayari बड़ी बेबसी है जो ग़म दे रहे हैं, हमें भूल जाना, क़सम दे रहे हैं जो दिल...

जिगर मुरादाबादी के 100 बेहतरीन शेर…

Jigar Moradabadi Best Sher 1- अपना ज़माना आप बनते हैं अहल-ए-दिल हम वो नहीं कि जिनको ज़माना बना गया 2-...

आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Aaina Kyun Na Doon Ke Tamasha KaheN jise - Mirza Ghalib आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ऐसा...

मोमिन की ग़ज़ल- “तुम मिरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता”

Momin ki shayari असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत-फ़ज़ा नहीं होता बेवफ़ा कहने की शिकायत है तो भी वादा-वफ़ा...

उर्दू के चार सबसे बड़े शाइरों की एक-एक ग़ज़ल…

Urdu ke ustaad shayar: हम यहाँ चार ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. मीर, ग़ालिब, इक़बाल और फ़ैज़ की इन ग़ज़लों...

उमैर नज्मी की मशहूर शायरी और ग़ज़लें

उमैर नज्मी समकालीन उर्दू शायरी के चर्चित शायरों में शामिल हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, जुदाई, तन्हाई, रिश्तों और ज़िंदगी...

ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो जाने का नाम..

Aanand Naaraayan Mullaah :: जाने अफ़साना यही कुछ भी हो अफ़साने का नाम, ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो...