मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग

Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ है हयात तेरा ग़म है तो ग़म-ए-दहर का झगड़ा क्या है तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है तू जो मिल जाए तो तक़दीर … Read more

दिल को छू लेने वाले ख़ूबसूरत शेर..

Chaand Shayari Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri

Deep Shayari हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब _________ निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन, बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब ________ हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद जो नहीं जानते वफ़ा क्या … Read more

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें

Ranjish Hi Sahi

Ab Ke Hum Bichhde To Shayad Kabhi Khwaabon mein Milen.. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें ढूँढ उजड़े हुए लोगों में वफ़ा के मोती ये ख़ज़ाने तुझे मुमकिन है ख़राबों में मिलें ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो नश्शा बढ़ता है शराबें … Read more

लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले – ज़ौक़

wo humsafar tha वो हम-सफ़र था मगर उससे हम-नवाई न थी Urdu ke Mushkil Lafz Akhtar Ul Iman Shayari Majaz Shayari Famous Barish Shayari Barsaat Shayari Baarish Shayari Hindi Kahani Arghwan Rabbhi Urdu Lafz Aghori Ka Moh Acaharya Ram Chandra Shukl Ki Kahani Gyaarah Varsh Ka Samay Jigar aur dil ko bachana

Laayi Hayaat Aaye Qaza Le Chali Chale ——- लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले अपनी ख़ुशी न आए न अपनी ख़ुशी चले हो उम्र-ए-ख़िज़्र भी तो हो मालूम वक़्त-ए-मर्ग हम क्या रहे यहाँ अभी आए अभी चले हमसे भी इस बिसात पे कम होंगे बद-क़िमार जो चाल हम चले सो निहायत बुरी चले बेहतर … Read more

तसव्वुर – कैफ़ी आज़मी

Tasavvur Kaifi Azmi ये किस तरह याद आ रही हो ये ख़्वाब कैसा दिखा रही हो कि जैसे सच-मुच निगाह के सामने खड़ी मुस्कुरा रही हो ये जिस्म-ए-नाज़ुक, ये नर्म बाहें, हसीन गर्दन, सिडौल बाज़ू शगुफ़्ता चेहरा, सलोनी रंगत, घनेरा जूड़ा, सियाह गेसू नशीली आँखें, रसीली चितवन, दराज़ पलकें, महीन अबरू तमाम शोख़ी, तमाम बिजली, … Read more

ऐसा हो सकता है तुम आ जाओ..

Aisa Ho Sakta Hai Tum Aa Jao ऐसा हो सकता है तुम आ जाओ इस नयी रात की ख़मोशी में, इक जवाँ ख्व़ाब मचलता होगा, तुम किसी बात पे रूठी होगी, दिल किसी बात पे चलता होगा तुम बहुत दूर हो मुझसे लेकिन, ऐसा लगता है कि ये मुमकिन है, तुम अभी ख्व़ाब की दीवारों … Read more

अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी

Abhi to main jawan hoon – Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार पुर-बहार है कहाँ चला है साक़िया इधर तो लौट इधर तो आ अरे ये देखता है क्या उठा सुबू सुबू उठा सुबू उठा प्याला भर प्याला भर के दे इधर चमन की सम्त कर नज़र … Read more

मादाम – साहिर लुधियानवी

Sahir Ludhianvi Top Ghazals

Madam Sahir Ludhiyanwi नोट – उर्दू में “मैडम” को “मादाम” भी कहा जाता है। आप बे-वज्ह परेशान सी क्यूँ हैं मादाम लोग कहते हैं तो फिर ठीक ही कहते होंगे मेरे अहबाब ने तहज़ीब न सीखी होगी मेरे माहौल में इंसान न रहते होंगे नूर-ए-सरमाया से है रू-ए-तमद्दुन की जिला हम जहाँ हैं वहाँ तहज़ीब … Read more

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है – परवीन शाकिर

Parveen Shakir Best Sher

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है फिर मौसम-ए-बहार मिरे गुल्सिताँ में है इक ख़्वाब है कि बार-ए-दिगर देखते हैं हम इक आश्ना सी रौशनी सारे मकाँ में है ताबिश में अपनी महर-ओ-मह-ओ-नज्म से सिवा जुगनू सी ये ज़मीं जो कफ़-ए-आसमाँ में है इक शाख़-ए-यासमीन थी कल तक ख़िज़ाँ-असर और आज सारा बाग़ उसी की … Read more

अहमद हमदानी की शायरी

Saleem Sarmad Shayari

तू मयस्सर था तो दिल में थे हज़ारों अरमाँ तू नहीं है तो हर इक सम्त अजब रंग-ए-मलाल दिल तुझे पा के भी तन्हा होता दूर तक हिज्र का साया होता आरज़ू फिर नई करते ता’बीर फिर नया कोई तमाशा होता आवाज़ की मल्लिका: एम एस सुब्बुलक्ष्मी का प्रभावशाली जीवन —– Ahmad Hamdani Best Sher … Read more