दिनों की लाशें — अरग़वान रब्बही

Road in Etten - drawing by Vincent van Gogh

DinoN Ki LaasheN ~~ अरग़वान रब्बही ट्रेन की खिड़की से बाहर साथ-साथ चलते अंधेरों के बीच अंदर सोए लोगों की जागती नींदों की लोरियाँ मुझे भी सुलाने की कोशिश कर रही थीं, मगर मैं चाहकर भी सो नहीं सकता था क्योंकि मुझे अगले ही स्टेशन पर उतरना था… कुछ ही वक़्त में काले अंधेरे रास्ते … Read more

अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Irfan Sattar

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है जो था, नहीं है, और न था, है, ये इश्क़ है पहले जो था, वो सिर्फ़ तुम्हारी तलाश थी लेकिन जो तुमसे मिल के हुआ है, ये इश्क़ है तश्कीक है, न जंग … Read more

पहलवान की ढोलक – फणीश्वरनाथ रेणु

Pahalwan Ki Dholak लेखक – फणीश्वरनाथ रेणु (Phanishwar Nath Renu) ________________ जाड़े का दिन। अमावस्या की रात—ठंडी और काली। मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव भयार्त्त शिशु की तरह थर-थर काँप रहा था। पुरानी और उजड़ी बाँस-फूस की झोपड़ियों में अंधकार और सन्नाटे का सम्मिलित साम्राज्य! अँधेरा और निस्तब्धता! अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही … Read more

अकाल और उसके बाद – नागार्जुन

Akaal aur uske baad

कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बाद धुआँ उठा आँगन से ऊपर कई दिनों के बाद चमक उठी घर … Read more

फिर उसी रहगुज़ार पर शायद

Ranjish Hi Sahi

Phir usi rah guzaar par shaayad फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जिन के हम मुंतज़िर रहे उन को मिल गए और हम-सफ़र शायद जान-पहचान से भी क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद अज्नबिय्यत की धुँद छट जाए चमक उठ्ठे तिरी नज़र शायद ज़िंदगी भर लहू रुलाएगी … Read more

मैं अब विदा लेता हूँ – पाश

Kamar Best Shayari Khushbu Shayari Ashu Mishra Shayari

Main Ab Vida Leta Hoon Paash अवतार सिंह संधू “पाश” का जन्म पंजाब के तलवंडी सलेम में हुआ था. वो पंजाबी भाषा के मशहूर कवि थे. मैं अब विदा लेता हूँ मेरी दोस्त, मैं अब विदा लेता हूँ मैंने एक कविता लिखनी चाही थी सारी उम्र जिसे तुम पढ़ती रह सकतीं उस कविता में महकते … Read more

लू शुन की कहानी- साबुन की टिकिया

sabun ki tikiya

sabun ki tikiya श्रीमती किंग कमरे की उत्तर वाली खिड़की की ओर पीठ करके, सूरज की अन्तिम किरणों की रोशनी में पितर-पूजा में जलाने के लिए काग़ज़ के नोटों की तह कर रही थीं। उसकी आठ वर्ष की लड़की एलिगैंस (शोभा) भी उसका हाथ बंटा रही थी। इसी समय मोटे कपड़े के तले वाले वृत्तों … Read more

सज़ा – जौन एलिया

Jaun Elia Best Sher

Saza Jaun Elia हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम हर बार तुमसे मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं तुम कौन हो ये ख़ुद भी नहीं जानती हो तुम मैं कौन हूँ ये ख़ुद भी नहीं जानता हूँ मैं तुम मुझको जान कर ही पड़ी हो अज़ाब में और इस तरह ख़ुद अपनी सज़ा … Read more

हिरोशिमा

Hindi Kahani Hiroshima

Hindi Kahani Hiroshima (यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार साहित्य दुनिया के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति के कहानी के किसी भी अंश, भाग या कहानी को अन्यत्र प्रकाशित करना अवांछनीय है। ऐसा करने पर साहित्य दुनिया दोषी के ख़िलाफ़ आवश्यक क़दम उठाने के … Read more

नॉकर बॉय

लन्दन सन 1922 के क़रीब (नॉकर बॉय या नॉकर गर्ल की नौकरी तब थी जब अलार्म क्लॉक भरोसेमंद नहीं होते थे। इनका काम लोगों को नींद से जगाना था। खिड़की पर डंडा खटखटाकर ये तब तक जगाते जब तक कोई जाग न जाए।) — खिड़की पर ज़ोरदार आवाज़ हुई और उसकी नींद खुल गयी। कुछ … Read more