उर्दू शायरी और शब्द : ख़ुलासा, ख़िलाफ़त, बिलकुल और भूक…
Urdu ke words Khulasa: ख़ुलासा (خلاصہ): ख़ुलासा का जो अर्थ आजकल मीडिया में इस्तेमाल हो रहा है वो इसके सही…
उर्दू शायरी और शब्द : शब्बा खै़र नहीं शब-ब’खै़र,अजीज़ नहीं अज़ीज़, शम्मा नहीं शम’अ…
Urdu Shayari Shabd अज़ीज़(عزیز): अज़ीज़ एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे अक्सर लोग अजीज़ बोलते हैं. कुछ लोगों का नाम भी…
उर्दू शायरी और शब्द : तजुर्बा नहीं तज’रबा, जमा नहीं जम’अ, शुरू नहीं शुरू’अ…
Urdu Poetry Words आज हम कुछ ऐसे ज़रूरी अलफ़ाज़ के बारे में आपसे बात करने जा रहे हैं जो आम…
दो कहानीकार, दो कहानियाँ (2): अमृता प्रीतम और मंटो
Amrita Pritam Manto Kahani अमृता प्रीतम की कहानी- जंगली बूटी अगूरी, मेरे पड़ोसियों के पड़ोसियों के पड़ोसियों के घर, उनके…
उर्दू शायरी और शब्द : फ़िर नहीं फिर, गम नहीं ग़म, मिजाज़ नहीं मिज़ाज…
Urdu Shabd Gham Gam कुछ ऐसे लफ़्ज़ हैं जो हमारी ज़िन्दगी का अहम् हिस्सा हैं और लगभग रोज़ हम इनका…
दो शा’इर, दो ग़ज़लें(10): जाँ निसार अख़्तर और ज़ौक़…
जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: अशआ’र मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं (Ashaar mere yoon to zamane ke liye…
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
Aah Ko Chahiye Ik Umr Asar Hone Tak ~ आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक, कौन जीता है…
इक़बाल की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए उनके दस शे’र…
Iqbal ke Top Sher: महान उर्दू और फ़ारसी शा’इर मुहम्मद इक़बाल की आज पुण्यतिथि है. उनका जन्म 9 नवम्बर 1877…
दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई….
मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या (Zinda Rahen To Kya Mar…
दो शा’इर, दो ग़ज़लें(8): अहमद फ़राज़ और बहज़ाद लखनवी…
Ab Aur Kya Kisi Se Marasim Badhayen Hum अहमद फ़राज़ की ग़ज़ल: अब और क्या किसी से मरासिम बढ़ाएँ हम…