आईना ~ परवीन शाकिर

Parveen Shakir Best Sher

परवीन शाकिर की नज़्म – आईना लड़की सर को झुकाए बैठी कॉफ़ी के प्याले में चमचा हिला रही है लड़का हैरत और मुहब्बत की शिद्दत से पागल लम्बी पलकों के लर्ज़ीदा सायों को अपनी आँख से चूम रहा है दोनों मेरी नज़र बचा कर इक दूजे को देखते हैं हँस देते हैं मैं दोनों से … Read more

इतना मालूम है!

Parveen Shakir Best Sher

अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़ सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा मैं यहाँ हूँ मगर उस कूचा-ए-रंग-ओ-बू में रोज़ की तरह से वो आज भी आया होगा और जब उसने वहाँ मुझको न पाया होगा! आपको इल्म है वो आज नहीं आई हैं? मेरी हर दोस्त से उसने यही … Read more

रक़ीब से

आ कि वाबस्ता हैं उस हुस्न की यादें तुझसे जिसने इस दिल को परी-ख़ाना बना रक्खा था जिसकी उल्फ़त में भुला रक्खी थी दुनिया हमने दहर को दहर का अफ़्साना बना रक्खा था आश्ना हैं तिरे क़दमों से वो राहें जिन पर उसकी मदहोश जवानी ने इनायत की है कारवाँ गुज़रे हैं जिन से उसी … Read more

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Chaand Shayari Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने सब का अहवाल वही है जो हमारा है आज ये अलग बात कि शिकवा किया तन्हा हमने ख़ुद पशीमान हुए ने उसे शर्मिंदा किया इश्क़ की वज़्अ को क्या ख़ूब निभाया … Read more

रेत पर सफ़र का लम्हा – अहमद शमीम

Saleem Sarmad Shayari

Ret Par Safar Ka Lamha रेत पर सफ़र का लम्हा – अहमद शमीम कभी हम ख़ूब-सूरत थे किताबों में बसी ख़ुश्बू की सूरत साँस साकिन थी बहुत से अन-कहे लफ़्ज़ों से तस्वीरें बनाते थे परिंदों के परों पर नज़्म लिख कर दूर की झीलों में बसने वाले लोगों को सुनाते थे जो हम से दूर … Read more

अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Irfan Sattar

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है जो था, नहीं है, और न था, है, ये इश्क़ है पहले जो था, वो सिर्फ़ तुम्हारी तलाश थी लेकिन जो तुमसे मिल के हुआ है, ये इश्क़ है तश्कीक है, न जंग … Read more

फिर उसी रहगुज़ार पर शायद

Ranjish Hi Sahi

Phir usi rah guzaar par shaayad फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जिन के हम मुंतज़िर रहे उन को मिल गए और हम-सफ़र शायद जान-पहचान से भी क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त ग़ौर कर शायद अज्नबिय्यत की धुँद छट जाए चमक उठ्ठे तिरी नज़र शायद ज़िंदगी भर लहू रुलाएगी … Read more

सज़ा – जौन एलिया

Jaun Elia Best Sher

Saza Jaun Elia हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम हर बार तुमसे मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं तुम कौन हो ये ख़ुद भी नहीं जानती हो तुम मैं कौन हूँ ये ख़ुद भी नहीं जानता हूँ मैं तुम मुझको जान कर ही पड़ी हो अज़ाब में और इस तरह ख़ुद अपनी सज़ा … Read more

मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ की शायरी

Bahadur Shah Zafar Shayari Humko Mita Sake Ye Zamane Mein Dum Nahin Motivational Shayari Mirza Jafar Ali Hasrat Sher Urdu Interesting Facts

Mirza Jafar Ali Hasrat Sher मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ लखनऊ के थे. वो रायस्वरुप सिंह ‘दीवाना’ के शिष्य थे. उन्होंने दो दीवान छोड़े हैं. ‘जुरअत’ और ‘हसन’ इनके शिष्य थे. _______ तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुर्सत हम अपने ग़म से कब ख़ाली, चलो बस हो चुका मिलना, न तुम ख़ाली न हम ख़ाली मिर्ज़ा जाफ़र … Read more

दाग़ देहलवी के मशहूर शेर..

Daagh Dehlvi Shayari दाग़ देहलवी उर्दू के उस्ताद शाइरों में शुमार किए जाते हैं. नवाब मिर्ज़ा ख़ान (25 मई 1831 – 17 मार्च 1905), जो अपने तख़ल्लुस “दाग़ देहलवी” से प्रसिद्ध थे जो अपनी उर्दू ग़ज़लों के लिए जाने जाते हैं। वे पुरानी दिल्ली स्कूल के उर्दू काव्य परंपरा से जुड़े हुए थे। दाग़ ने … Read more