अदम गोंडवी की बेहतरीन शायरी

Adam Gondvi Best Shayari

Adam Gondvi जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे सुरा व सुंदरी के शौक़ में डूबे हुए रहबर दिल्ली को रंगीलेशाह का हम्माम कर देंगे ये वंदेमातरम् का गीत गाते हैं सुबह उठकर मगर बाज़ार में चीज़ों का दुगना दाम कर देंगे सदन को … Read more

शहरयार की फ़िल्मों में आयी ग़ज़लें…

Shaharyar Umrao Jaan Gaman

जब भी मिलती है मुझे अजनबी लगती क्यूँ है ज़िंदगी रोज़ नए रंग बदलती क्यूँ है धूप के क़हर का डर है तो दयार-ए-शब से सर-बरहना कोई परछाईं निकलती क्यूँ है मुझको अपना न कहा इस का गिला तुझ से नहीं इस का शिकवा है कि बेगाना समझती क्यूँ है तुझसे मिल कर भी न … Read more

आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया – शकील बदायूँनी

Aaj Phir Gardish e Taqdeer Pe Rona Aaya - Shakeel Budanyuni Shakeel Badayuni Shayari

Aaj Phir Gardish e Taqdeer Pe Rona Aaya – Shakeel Budanyuni आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया दिल की बिगड़ी हुई तस्वीर पे रोना आया इश्क़ की क़ैद में अब तक तो उमीदों पे जिए मिट गई आस तो ज़ंजीर पे रोना आया क्या हसीं ख़्वाब मुहब्बत ने दिखाया था हमें खुल गई आँख तो … Read more

लखनवी शायरी ~ सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ ‘इंशा’

Insha Allah Khan Shayari

सैयद इंशा अल्लाह ख़ाँ ‘इंशा’ ( Insha Allah Khan Shayari ) का जन्म 1752 में हुआ था. इंशा के पिता का नाम मीर माशा अल्लाह ख़ाँ था. ये उच्च वंशीय थे और इनके बारे में कहा जाता है कि इनके पूर्वज समरकंद से आकर दिल्ली में बसे थे. इनका ख़ानदान निहायत शरीफ़ था और ख़ानदानी … Read more

लखनवी शायरी ~ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’

Best Urdu Rubai Shaam Shayari Har Haqeeqat Majaz Ho Jaye Tagore ki Kahani Bhikharin Parveen Shakir Shayari

Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका जन्म हुआ। कुलीन वंश में जन्में ‘मुसहफ़ी’ के पिता का नाम शेख़ वली मुहम्मद था। हमदानी को पढ़ने का बड़ा शौक़ था और किताबें माँग-माँग कर पढ़ा करते थे। ये जब युवा हुए तो दिल्ली … Read more

उर्दू की बेहतरीन ग़ज़लें (रदीफ़ और क़ाफ़िए की जानकारी के साथ)

Dard Bhari Shayari Best Urdu Ghazals Bewafai Shayari

Best Urdu Ghazals ~ मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की ग़ज़ल (Ghazal):  बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना गिर्या चाहे है ख़राबी मिरे काशाने की दर ओ दीवार से टपके है बयाबाँ होना वा-ए-दीवानगी-ए-शौक़ कि हर दम मुझ को आप … Read more

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे

Ghalib Ke Baare Mein Parag Agrawal Ghalib Aur Zauq ki Ghazalen Baazeecha E Atfal Ghalib Aaina Kyun Na Doon Aah Ko Chahiye Ik

Keyphrase- Baazeecha E Atfal Ghalib बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे इक खेल है औरंग-ए-सुलैमाँ मिरे नज़दीक इक बात है एजाज़-ए-मसीहा मिरे आगे जुज़ नाम नहीं सूरत-ए-आलम मुझे मंज़ूर जुज़ वहम नहीं हस्ती-ए-अशिया मिरे आगे होता है निहाँ गर्द में सहरा मिरे होते घिसता है जबीं ख़ाक पे दरिया मिरे … Read more

वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं ~ हसरत मोहानी

wasl kii banti haiN

wasl kii banti haiN in baatoN se tadbeereN kahiN – Hasrat Mohani वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं आरज़ूओं से फिरा करती हैं तक़दीरें कहीं बे-ज़बानी तर्जुमान-ए-शौक़ बेहद हो तो हो वर्ना पेश-ए-यार काम आती हैं तक़रीरें कहीं मिट रही हैं दिल से यादें रोज़गार-ए-ऐश की अब नज़र काहे को आएँगी ये … Read more

नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Mirza Ghalib ki shayari Ghalib Shayari Rubai Naqsh Fariyadi Hai Dard Minnat Kash Yak Zarra e Zamin Nahini Bekaar Baagh Ka Mirza Ghalib ke sher

Naqsh Fariyadi Hai Kiski Hai Shokhiye Tahreer Ka – Mirza Ghalib नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का काग़ज़ी है पैरहन हर पैकर-ए-तस्वीर का काव काव-ए-सख़्त-जानी हाए-तन्हाई न पूछ सुब्ह करना शाम का लाना है जू-ए-शीर का जज़्बा-ए-बे-इख़्तियार-ए-शौक़ देखा चाहिए सीना-ए-शमशीर से बाहर है दम शमशीर का आगही दाम-ए-शुनीदन जिस क़दर चाहे बिछाए मुद्दआ अन्क़ा है … Read more

गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा

Gar Baazi Ishq Ki Baazi hai ~ Faiz Ahmed Faiz कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा हाथ नहीं सद-शुक्र कि अपनी रातों में अब हिज्र की कोई रात नहीं मुश्किल हैं अगर हालात वहाँ दिल बेच आएँ जाँ दे आएँ दिल वालो कूचा-ए-जानाँ में क्या ऐसे भी हालात नहीं जिस धज … Read more